
Ganga Water Supply Project: भागलपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को अब शुद्ध गंगाजल पीने को मिलेगा. मालदा रेल मंडल (Division) द्वारा 6 साल पहले बनाई गई ‘गंगाजल आपूर्ति योजना’ अब धरातल पर उतरने के लिए पूरी तरह तैयार है. 15 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का जिम्मा कोलकाता की एजेंसी को सौंपा गया है और अगले महीने से इसका निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है.
कोलकाता की एजेंसी करेगी निर्माण, NOC की प्रक्रिया अंतिम चरण में
भागलपुर रेलवे स्टेशन पर जल संकट को दूर करने और यात्रियों को पवित्र गंगाजल उपलब्ध कराने के लिए मालदा डिवीजन ने इस बहुप्रतीक्षित योजना को हरी झंडी दे दी है. इस परियोजना का टेंडर (निविदा) कोलकाता स्थित एफएनसी कंस्ट्रक्शन (FNC Construction) कंपनी को मिला है.
इंजीनियरिंग कॉलेज से लेकर बरारी पुल घाट तक पाइपलाइन बिछाने के लिए रेलवे ने बिहार सरकार (राज्य पथ निर्माण विभाग और अन्य संबंधित विभागों) से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मांगा है. उम्मीद है कि इसी महीने एनओसी मिलने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी.
सोनपुर रेलवे मंडल से भी मांगा गया NOC
इस योजना के तहत कुछ किलोमीटर की दूरी के लिए रेलवे की जमीन की आवश्यकता है, जिसे पूर्व में दूसरे विभाग को ट्रांसफर कर दिया गया था. अब उस जमीन के उपयोग के लिए मालदा डिवीजन ने सोनपुर रेलवे मंडल (Sonpur Division) को भी पत्र लिखकर एनओसी की मांग की है, ताकि जमीन विवाद के कारण कार्य बाधित न हो.
15 करोड़ की लागत, 10 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन
इस वृहत जलापूर्ति योजना का कुल बजट 15 करोड़ रुपये तय किया गया है. योजना के तहत गंगा नदी से पानी खींचकर सीधे भागलपुर स्टेशन तक लाया जाएगा. इसके लिए वन विभाग के रास्तों और गंगा घाट के किनारे-किनारे होते हुए लगभग 10 किलोमीटर से अधिक लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी. कार्यदायी एजेंसी (FNC Construction) की तकनीकी टीम वर्तमान में पाइपलाइन बिछाने के लिए रूट का अंतिम सर्वे (सर्वेक्षण) कर रही है. सर्वे कार्य लगभग पूर्ण होने की जानकारी मालदा डिवीजन के अधिकारियों को दे दी गई है.
Ganga Water Supply Project: बरारी पुल घाट के पास बनेगा नया जलमीनार
गंगा नदी से पाइपलाइन के जरिए लाया गया पानी भागलपुर स्टेशन परिसर में बने विशाल जलमीनारों (Water Towers) में स्टोर (जमा) किया जाएगा. इसके बाद वहीं से पूरे स्टेशन परिसर के विभिन्न प्लेटफॉर्मों, वेटिंग रूम और कार्यालयों में इसकी आपूर्ति की जाएगी.
इसके अलावा, बरारी पुल घाट के पास, जहाँ पहले रेलवे की छोटी लाइन (मीटर गेज) की ट्रेनें चला करती थीं, उसके ठीक बगल में पानी को लिफ्ट करने और साफ करने के लिए एक नए जलमीनार का भी निर्माण कराया जाएगा. इस योजना के पूरा होने से भागलपुर स्टेशन पर गर्मियों में होने वाली पानी की किल्लत पूरी तरह दूर हो जाएगी और यात्रियों को शुद्ध पेयजल (गंगाजल) सुलभ होगा.
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