तीन साल पुराने एससीएसटी केस में शुक्रवार को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डा. इरफान अंसारी तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश सिन्हा की अदालत में पेश हुए। केस में सूचक की गवाही हुई। अब अगली तिथि 10 सितम्बर को निर्धारित हुई है। मंत्री के अधिवक्ता राजा खान ने बताया कि जामताड़ा जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र में हुए जमीन विवाद में दो मार्च 2023 को उन पर एसटी-एससी का केस हुआ था। जबकि जमीन विवाद से मंत्री का कोई लेना-देना नहीं है। सुशीला देवी नामक महिला राजनीति से प्रेरित होकर किसी अन्य से हुए जमीन विवाद में मंत्री पर जाति सूचक संबोधन का आरोप लगाया। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जिस राज्य में भाजपा की सरकार नहीं है, उस राज्य में भाजपा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से दिक्कत करती हैं। वह चाहती है कि उस राज्य में उसका प्रभाव बना रहे। किसी भी सूरत में विधेयक को लागू होने नहीं दिया जाएगा। भाजपा को यह विधेयक महंगा पड़ेगा। यहां की जनता उसे कभी माफ नहीं करेगी। झारखंड को चलाने की जिम्मेवारी हेमंत सोरेन की है। भाजपा को यह बात पच नहीं रही है। यहां की खनिज संपदा राज्य की पूंजी है। ऐसा एक्ट बना हुआ है कि भाजपा प्रशासन के दम पर लोहा और कोयला लेकर चली जाती है। वह इसी एक्ट का लाभ उठा रही है। सेस का 15 हजार करोड़ देना नहीं चाहती है। भाजपा ने 20 साल में राज्य को उजाड़ दिया है। हम उसे संवारने का प्रयास कर रहे हैं। कहा कि अगर केंद्र ने सरकार की बात नहीं सुनी तो एक्ट का विरोध करने के लिए राहुल गांधी से बात की जाएगी। विधेयक की वजह से मईया सम्मान योजना बंद हो जाएगा, विकास ठप हो जाएगा। भाजपा की नीति ही झारखंड के लोगों पर प्रहार करना है। मंत्री ने कहा कि भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी कहते हैं कि राज्य में बांग्लादेशी घुसपैठिया हैं। वे बताए कहां हैं कि बांग्लादेशी हैं। किसी एक का पता बताकर दिखाएं। जब तक वे माफी नहीं मांगेगें कि तब तक उन्हें गांव में लेकर जाएंगे। केवल राजनीतिक स्वार्थ के लिए यहां की जनता और राज्य को बदनाम करने की साजिश है।

