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बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को चुनाव आयोग से मुलाकात कर जन सुराज पार्टी के संस्थापक और बांकीपुर उपचुनाव के उम्मीदवार प्रशांत किशोर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन, बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, भाजपा नेता जीवेश मिश्रा और जनक राम शामिल थे। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशांत किशोर सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट, बॉट नेटवर्क और कथित प्रॉक्सी कंपनियों के माध्यम से चुनावी प्रचार कर रहे हैं तथा चुनाव आयोग के खर्च संबंधी नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। उन्होंने इस मामले की जांच चुनाव आयोग और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कराने की मांग की है। फर्जी सोशल मीडिया नेटवर्क के जरिए प्रचार का आरोप शाहनवाज हुसैन ने कहा कि प्रशांत किशोर इससे पहले भी विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं और उनकी जमानत जब्त हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बार वे जनता के बीच नहीं बल्कि सोशल मीडिया के जरिए चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में कंप्यूटर जनरेटेड अकाउंट बनाकर पोस्ट वायरल किए जा रहे हैं और बांकीपुर उपचुनाव में भी इसी रणनीति का इस्तेमाल किया जा रहा है। भाजपा का दावा है कि कई अकाउंट वास्तविक लोगों द्वारा संचालित नहीं हैं, बल्कि बॉट नेटवर्क के माध्यम से चलाए जा रहे हैं। चुनावी खर्च सीमा से अधिक खर्च का आरोप भाजपा नेताओं ने कहा कि उपचुनाव में उम्मीदवारों के लिए चुनाव आयोग द्वारा खर्च की एक निर्धारित सीमा तय की गई है, लेकिन प्रशांत किशोर करोड़ों रुपये सोशल मीडिया प्रचार पर खर्च कर रहे हैं। शाहनवाज हुसैन ने आरोप लगाया कि फर्जी इन्फ्लुएंसरों के माध्यम से प्रचार कराया जा रहा है और प्रत्येक वीडियो के लिए 20 हजार से 30 हजार रुपये तक का भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह चुनावी खर्च के नियमों की खुली अवहेलना है और इसकी जांच होनी चाहिए। दो कंपनियों पर उठाए सवाल भाजपा ने प्रेस वार्ता में दावा किया कि Simple Sense Analytics Private Limited और News Light House नामक कंपनियों के जरिए सोशल मीडिया अभियान संचालित किया जा रहा है। भाजपा नेताओं का आरोप है कि अक्टूबर 2023 में स्थापित Simple Sense Analytics Private Limited की चुकता पूंजी मात्र पांच लाख रुपये है और सोशल मीडिया या इंटरनेट पर उसका कोई स्वतंत्र व्यावसायिक रिकॉर्ड या क्लाइंट पोर्टफोलियो दिखाई नहीं देता। ऐसे में सवाल उठता है कि चुनावी प्रचार के लिए करोड़ों रुपये कहां से आ रहे हैं। कंपनी के पते को लेकर भी सवाल भाजपा ने दावा किया कि जिन कंपनियों के जरिए सोशल मीडिया अभियान चलाया जा रहा है, उनका पंजीकृत पता नई दिल्ली के वसंत विहार क्षेत्र में है। इन कंपनियों का पता और प्रशांत किशोर की पत्नी से जुड़ी एक कंपनी का पता एक ही परिसर में स्थित है। भाजपा का आरोप है कि यह महज संयोग नहीं हो सकता और इन कंपनियों के संबंधों की जांच की जानी चाहिए। नेताओं ने इसे प्रशांत किशोर की “प्रॉक्सी कंपनियां” बताते हुए चुनावी फंडिंग की जांच की मांग की। विदेशी कनेक्शन का भी आरोप शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने दावा किया कि कई सोशल मीडिया अकाउंट देश के बाहर से संचालित हो रहे हैं। कुछ अकाउंट की लोकेशन लंदन दिखाई देती है और इनके माध्यम से चुनावी प्रचार किया जा रहा है। विदेशी कंपनियों और विदेशी लोकेशन वाले अकाउंट के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है, जो चुनावी पारदर्शिता के लिए गंभीर विषय है। ईडी और चुनाव आयोग से जांच की मांग भाजपा नेताओं ने चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही ईडी से भी वित्तीय स्रोतों और कथित कंपनियों की भूमिका की जांच कराने की मांग की गई है। शाहनवाज हुसैन ने कहा कि यदि चुनाव प्रचार में नियमों का उल्लंघन हुआ है तो प्रशांत किशोर को इसका जवाब देना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों की अनदेखी की जा रही है और इस पर कार्रवाई होनी चाहिए। भाजपा नेताओं ने दावा किया कि प्रशांत किशोर के पास वास्तविक जनसमर्थन नहीं है और वे केवल सोशल मीडिया के सहारे चुनाव लड़ रहे हैं। शाहनवाज हुसैन ने कहा कि बांकीपुर की जनता इस चुनाव में उन्हें करारा जवाब देगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशांत किशोर ने पहले कई राजनीतिक घोषणाएं की थीं, जिन्हें पूरा नहीं कर सके। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि पूरा चुनावी अभियान सोशल मीडिया प्रबंधन और कथित फर्जी नेटवर्क के सहारे चलाया जा रहा है।
