समाज में जब न्याय की उम्मीदें धुंधलाने लगती हैं तो जनता का आक्रोश रास्ता चुन लेता है। सोमवार को मोहनपुर ब्लॉक परिसर में कुछ ऐसा ही विरोध का नजारा देखने को मिला। विरोध का यह तरीका इतना अनोखा-असरदार था कि महिलाओं ने अपनी गृहस्थी की मजबूरी को ही अपना हथियार बना लिया और ब्लॉक परिसर में चूल्हा जोड़कर खाना बनाना शुरू कर दिया। खाने में भात व आलू का चोखा बनाने लगीं। यह प्रदर्शन अंकोला पंचायत के जुझारू मुखिया प्रतिनिधि संजय यादव के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान महिलाओं ने न केवल भू-माफियाओं के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की बल्कि ब्लॉक प्रशासन की शिथिलता के विरोध में जमकर नारेबाजी भी की।
तीन पीढ़ियों का आशियाना और भू-माफिया का साया
घटनास्थल पर मौजूद पीड़ित महिला रिंकी देवी ने बताया कि हम लोग बीते तीन पीढ़ियों से इसी सरकारी जमीन पर रह रहे हैं। सरकार ने हमारी पात्रता को देखते हुए वहां हमें सरकारी कॉलोनी भी आवंटित की थी। सब कुछ ठीक चल रहा था लेकिन पिछले कुछ समय से स्थानीय भू-माफिया हमारी जमीन पर गिद्ध दृष्टि गड़ाए हुए हैं। ताकत और रसूख के बल पर हमें हमारे आशियाने से बेदखल कर दिया गया है। हमारे दस परिवारों की स्थिति आज यह हो गई है कि हमें इस चिलचिलाती धूप और बारिश के मौसम में जंगलों में शरण लेनी पड़ रही है। जब सिर पर छत ही नहीं बची तो हम जाएं तो कहां जाएं। मुखिया प्रतिनिधि ने थामी पीड़ितों की कमान अंकोला पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि संजय यादव ने प्रशासन को सीधे चेतावनी देते हुए कहा कि गरीबों और असहायों का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति हमेशा गरीबों को बसाने की रही है न कि उन्हें उजाड़ने की। यदि ये परिवार पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं और उनके पास सरकारी योजनाओं के प्रमाण हैं तो कोई भी भू-माफिया उन्हें बेदखल कैसे कर सकता है। प्रशासन को इस सांकेतिक प्रदर्शन से सीख लेते हुए तुरंत कदम उठाना चाहिए। सीओ रणजीत कुमार का आश्वासन मिलेगा न्याय का पर्चा अंचलाधिकारी रणजीत कुमार तुरंत दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बेहद संवेदनशीलता से प्रदर्शनकारी महिलाओं और मुखिया प्रतिनिधि की बातों को सुना। माहौल को शांत कराते हुए सीओ रणजीत कुमार ने प्रदर्शनकारियों को ठोस आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की त्वरित और निष्पक्ष जांच की जाएगी। यदि आप सभी लोग नियमानुसार और जायज तरीके से उस जमीन पर रह रहे थे तो घबराने की कोई जरूरत नहीं है। जांच रिपोर्ट के आधार पर पात्र परिवारों को जमीन का वैध पर्चा सौंपकर उन्हें वहां पूरी सुरक्षा के साथ बसाया जाएगा। सीओ के इस सकारात्मक व ठोस आश्वासन के बाद महिलाओं ने अपना प्रदर्शन स्थगित किया।


