झारखंड भाजपा 30 जून को हूल दिवस पर न केवल अमर शहीद स्थल भोगनाडीह में कार्यक्रम आयोजित करेगी, बल्कि इस दिवस को राज्य के सभी 595 मंडलों में मनाने की तैयारी में जुटी हुई है। हूल दिवस को सभी मंडलों में मनाने की घोषणा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने की है। साहू ने बताया कि इस बार हूल दिवस के अवसर पर भाजपा द्वारा झारखंड के सभी मंडलों में हूल क्रांति के अमर शहीद महानायक सिदो-कान्हो, चांद-भैरव, फूलो-झानो की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जाएगा। वहीं भोगनाडीह में इस दिवस को भव्य और व्यापक रूप से मनाने के लिए 9 सदस्यीय आयोजन समिति का गठन किया गया है। श्री साहू ने कहा कि आजादी की लड़ाई में झारखंड के जनजातीय समुदाय के महानायकों की महत्ती भूमिका रही है। कई सपूतों ने अपनी कुर्बानी दी है। 30 जून, 1855 के दिन झारखंड के जनजातीय समुदाय द्वारा क्रांति का बिगुल फूंका गया। हूल दिवस, जनजातीय समुदाय के कड़े संघर्ष और बलिदान का प्रतीक है। श्री साहू ने कहा कि विपक्षी पार्टियां जनजातीय समुदाय के नाम पर केवल राजनीतिक रोटी सेंकने का काम करती रही हैं। जबकि भारतीय जनता पार्टी ने सही मायनों में आदिवासी गौरव, उनके सम्मान, उनकी अस्मिता, उनके अधिकारों की रक्षा करने का काम किया है।
भोगनाडीह समेत सभी 595 मंडलों में मनेगा हूल दिवस : आदित्य साहू
झारखंड भाजपा 30 जून को हूल दिवस पर न केवल अमर शहीद स्थल भोगनाडीह में कार्यक्रम आयोजित करेगी, बल्कि इस दिवस को राज्य के सभी 595 मंडलों में मनाने की तैयारी में जुटी हुई है। हूल दिवस को सभी मंडलों में मनाने की घोषणा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने की है। साहू ने बताया कि इस बार हूल दिवस के अवसर पर भाजपा द्वारा झारखंड के सभी मंडलों में हूल क्रांति के अमर शहीद महानायक सिदो-कान्हो, चांद-भैरव, फूलो-झानो की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जाएगा। वहीं भोगनाडीह में इस दिवस को भव्य और व्यापक रूप से मनाने के लिए 9 सदस्यीय आयोजन समिति का गठन किया गया है। श्री साहू ने कहा कि आजादी की लड़ाई में झारखंड के जनजातीय समुदाय के महानायकों की महत्ती भूमिका रही है। कई सपूतों ने अपनी कुर्बानी दी है। 30 जून, 1855 के दिन झारखंड के जनजातीय समुदाय द्वारा क्रांति का बिगुल फूंका गया। हूल दिवस, जनजातीय समुदाय के कड़े संघर्ष और बलिदान का प्रतीक है। श्री साहू ने कहा कि विपक्षी पार्टियां जनजातीय समुदाय के नाम पर केवल राजनीतिक रोटी सेंकने का काम करती रही हैं। जबकि भारतीय जनता पार्टी ने सही मायनों में आदिवासी गौरव, उनके सम्मान, उनकी अस्मिता, उनके अधिकारों की रक्षा करने का काम किया है।


