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शारदीय नवरात्र की सप्तमी पर भोजपुर जिले के कोईलवर प्रखंड अंतर्गत बिंदगवां नया टोला गांव में मां दुर्गा की भक्ति और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। मां दुर्गा के जयकारों से पूरा गांव भक्तिमय हो उठा। विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना संपन्न होने के बाद मां दुर्गा का पट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया गया। पट खुलते ही पूजा पंडाल में मौजूद भक्तों के बीच उत्साह देखते ही बना। श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन कर मत्था टेका और परिवार की सुख-समृद्धि, शांति, खुशहाली तथा समाज के कल्याण की कामना की। पट खुलने के साथ ही गांव में नवरात्र का उत्सवी माहौल और भी बढ़ गया। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा सुबह से ही पूजा पंडाल में श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। पूरे विधि-विधान के साथ पंडित चंदन बाबा ने जजमान हरिहर सिंह के साथ मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कराई। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। पूजा संपन्न होने के बाद जैसे ही मां का पट खोला गया, श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाकर मां का स्वागत किया। भक्तों ने हाथ जोड़कर मां के दर्शन किए और अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना की। श्रद्धालुओं से आपसी प्रेम, भाईचारा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील इसके बाद पूजा पंडाल में भव्य आरती का आयोजन किया गया। दीपों की रोशनी, घंटियों की गूंज और मां के जयकारों से पूरा परिसर आध्यात्मिक रंग में रंग गया। श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा के साथ आरती में भाग लिया और मां दुर्गा के चरणों में शीश झुकाया। गांव के लोगों ने पूजा आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पंडित चंदन बाबा ने कहा कि नवरात्र श्रद्धा, भक्ति और मां दुर्गा की आराधना का पावन पर्व है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आपसी प्रेम, भाईचारा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की। इस अवसर पर राम लखन सिंह, मनोज सिंह, हरिचंद्र सिंह, विकास सिंह, कृष्णा उर्फ नन्हक, सुजान सिंह, शशि सिंह, आदित, देवब्रत सिंह, शशि रंजन सिंह, छोटू सिंह, गोविंदा सिंह, सुभाष सिंह, रोहित सिंह और सुमित कुमार समेत कई श्रद्धालु मौजूद रहे। मां का पट खुलने के साथ ही बिंदगवां नया टोला में दुर्गापूजा का उत्साह चरम पर पहुंच गया। पूरा गांव मां की आराधना में लीन नजर आया।
भोजपुर में पट खुलते ही उमड़े श्रद्धालु:जयकारों से गूंजा पूजा पंडाल, दीपों की रोशनी और घंटियों की गूंज के बीच भक्तों ने की पूजा–अर्चना
