शहरी क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी, अवमानक और भ्रामक लेबलिंग वाले खाद्य उत्पादों के खिलाफ सघन छापेमारी अभियान बुधवार को चलाया। कार्रवाई भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के निर्देश पर की गई। टीम ने प्रमुख दुकानों, थोक व्यापारियों और वितरकों के यहां औचक निरीक्षण कर गोदामों में रखे खाद्य पदार्थों और दस्तावेजों की जांच की। जांच के दौरान रिलायन्स रिटेल में करीब एक दर्जन भ्रामक दावा करने वाले उत्पाद स्टोर से हटाए जाने की पुष्टि हुई। विभाग के अनुसार ऐसे उत्पादों की सूची ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से भी हटाई गई। छतर बगीचा स्थित न्यू बदला इंटरप्राइजेज और अशोक जनरल स्टोर में बड़ी मात्रा में स्टिंग एनर्जी ड्रिंक का भंडारण मिला। मिशन चौक स्थित अग्रवाल नेटवर्क के गोदाम में कैंपा एनर्जी गोल्ड बूस्ट ड्रिंक का भंडारण पाया गया। विभाग ने इन प्रतिष्ठानों को भ्रामक लेबलिंग वाले उत्पाद तत्काल हटाने और संबंधित निर्माणकर्ता कंपनी को वापस करने का निर्देश दिया। अन्य दुकानों को भी सूचीबद्ध उत्पादों की बिक्री पर प्रभावी रोक सुनिश्चित करने को कहा गया। विभाग ने स्पष्ट किया कि भ्रामक विज्ञापन, गलत ब्रांडिंग और लेबलिंग के जरिए उपभोक्ताओं को गुमराह करना खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 के तहत दंडनीय अपराध है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर भी कार्रवाई हुई। राणा चौक स्थित ढ़ेला होटल में फफूंद लगे रसगुल्ले बिक्री के लिए रखे मिले। मिठाई मौके पर नष्ट कराई गई और 1,000 रुपए का अर्थदंड लगाया गया। होटल को साफ-सफाई व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए। थाना चौक स्थित बाबा फास्ट फूड में खराब गुणवत्ता वाली रोल बेस के उपयोग पर 500 रुपए का अर्थदंड लगाया गया और गुणवत्ता व रख-रखाव सुधारने को कहा गया। बगडू मोड़ स्थित राजस्थान जलेबी सेंटर में जलेबी निर्माण में प्रतिबंधित अखाद्य रंग का उपयोग पाया गया। रंगयुक्त चाशनी मौके पर नष्ट कराई गई। विभाग ने कहा कि ऐसे रंगों का सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी मोइन अख्तर ने बताया कि त्योहारी सीजन को देखते हुए निरीक्षण अभियान जारी रहेगा। टीम में विश्वनाथ गगराई और सहायक कर्मी रजनीश कुमार भी शामिल रहे।
