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मधेपुरा नगर परिषद में फर्जी हस्ताक्षर के जरिए मकान का नक्शा स्वीकृत कराने और नक्शा पारित शुल्क की फर्जी रसीद जारी करने का मामला सामने आया है। नगर परिषद की जांच में नक्शे पर कार्यपालक पदाधिकारी, इंजीनियर और संबंधित कर्मियों के हस्ताक्षर फर्जी पाए जाने का दावा किया गया है। मामले में नगर परिषद की ओर से सदर थाने में आर्किटेक्ट डेविड कुमार, उनके सहयोगी रविरंजन कुमार और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। शिकायत में नक्शा तैयार कराने के नाम पर 30 हजार रुपए एडवांस लेने का भी आरोप लगाया गया है। वहीं, आर्किटेक्ट ने खुद को निर्दोष बताते हुए साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगाया है। नगर परिषद के कर-संग्रहकर्ता राज कुमार ने बताया कि नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड-22 निवासी मोनी कुमारी के नाम से भवन निर्माण का नक्शा स्वीकृत होने की जानकारी 19 अगस्त 2026 को कार्यालय को मिली। नक्शा तैयार करने के लिए मांगा था पैसा इसके बाद 20 अगस्त को नगर परिषद की ओर से आवेदिका से स्पष्टीकरण मांगा गया। जवाब में मोनी कुमारी ने बताया कि उनके पिता राजेश दास ने भवन का नक्शा बनवाने के लिए मधेपुरा के आर्किटेक्ट डेविड कुमार से संपर्क किया था। नक्शा तैयार कराने के लिए डेविड कुमार ने 30 हजार रुपए अग्रिम देने को कहा था। इसके लिए उन्होंने अपने स्टाफ रविरंजन कुमार को राशि देने की बात कही। इसके बाद मोनी कुमारी के पति आशीष कुमार ने 26 मार्च 2026 को फोन-पे के माध्यम से रविरंजन कुमार के खाते में 30 हजार रुपए भेजे। व्हाट्सऐप पर भेजी रसीद की फोटो कुछ दिनों बाद डेविड कुमार ने नक्शा नगर परिषद से स्वीकृत होने की जानकारी दी और रविरंजन कुमार से संपर्क कर नक्शा लेने को कहा। इसके बाद 19 अगस्त को रविरंजन कुमार ने व्हाट्सऐप के माध्यम से नक्शे और रसीद की प्रति भेजी। नगर परिषद के कर-संग्रहकर्ता राज कुमार ने आरोप लगाया कि नक्शे पर इंजीनियर, संबंधित कर्मियों और कार्यपालक पदाधिकारी के हस्ताक्षर फर्जी हैं। वहीं, नक्शा पारित शुल्क के रूप में 51,709 रुपए की रसीद को भी फर्जी बताया गया है। रसीद पर एमआर संख्या 7514 और 23 जुलाई 2026 की तारीख दर्ज है। शिकायत में कहा गया है कि उक्त तारीख को नगर परिषद की ओर से ऐसी रसीद किसी कर्मी को जारी नहीं की गई थी। एमआर रसीद जारी कर नक्शा स्वीकृत किया नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी तान्या कुमारी ने बताया कि कार्यालय को कुछ इंजीनियरों और उनके कर्मियों के माध्यम से फर्जी नक्शे स्वीकृत किए जाने की जानकारी मिली थी। इसके बाद मामले की जांच कराई गई। जांच में नगर परिषद के पदाधिकारियों और कर्मियों के फर्जी हस्ताक्षर के साथ फर्जी एमआर रसीद जारी कर नक्शा स्वीकृत कराने का मामला सामने आया। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। आर्किटेक्ट ने आरोपों को बताया गलत आर्किटेक्ट डेविड कुमार ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी का फर्जी नक्शा नहीं बनवाया है। एक व्यक्ति ने उन्हें व्हाट्सऐप पर नक्शे की तस्वीर भेजकर उसकी सत्यता के बारे में पूछा था। नक्शे में गड़बड़ी का संदेह होने पर उन्होंने इसकी तस्वीर नगर परिषद को भेजकर जानकारी ली थी। नगर परिषद की ओर से उन्हें बताया गया कि नक्शे पर फर्जी हस्ताक्षर हैं। इसके बाद नगर परिषद में उनसे नक्शा भेजने वाले व्यक्ति के बारे में जानकारी ली गई। बाद में उनके खिलाफ ही मामला दर्ज करा दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि रविरंजन कुमार पहले उनके काम करता था, लेकिन पैसे के लेन-देन में गड़बड़ी के कारण उसे वर्ष 2024 में ही काम से हटा दिया गया था। अब उससे उनका कोई संबंध नहीं है।
मधेपुरा में आर्किटेक्ट ने फर्जी हस्ताक्षर से नक्शा पास कराया:2 पर FIR, ईओ-इंजीनियर के नकली हस्ताक्षर और फर्जी रसीद भी मिली
