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गयाजी में रक्षाबंधन के दिन महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा के लिए पुलिस का नया दस्ता सड़कों पर उतरा है। पुलिस केंद्र गयाजी में शुक्रवार की सुबह 7 बजे ‘पुलिस दीदी पेट्रोलिंग टीम’ यानी ‘अभया ब्रिगेड’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। एसएसपी, एसपी सिटी और ग्रामीण एसपी ने टीम को फ्लैग ऑफ किया। गयाजी पुलिस को इस अभियान के तहत 30 स्कूटी और 40 बाइक मिली हैं। अब इन वाहनों से महिला पुलिसकर्मी शहर से लेकर अनुमंडलीय इलाकों तक गश्त करेंगी। खास बात यह है कि गश्ती दल का फोकस उन जगहों पर होगा, जहां छात्राओं और महिलाओं की आवाजाही सबसे ज्यादा रहती है। स्कूल-कॉलेज और कोचिंग के आसपास नजर
‘अभया ब्रिगेड’ की सबसे ज्यादा नजर स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों के आसपास रहेगी। कोचिंग और कॉलेज खुलने और छुट्टी होने के समय विशेष गश्त की जाएगी। इस दौरान महिला पुलिसकर्मी छात्राओं से सीधे संवाद भी करेंगी।
शहर के बाजार, मॉल, पार्क और भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी टीम की सक्रियता बढ़ेगी। इसके अलावा उन रास्तों को भी चिह्नित किया जाएगा, जहां छात्राओं को आने-जाने में परेशानी होती है। सुनसान रास्तों पर भी पुलिस दीदी की गश्त होगी। हर स्कूटी पर 2 महिला कांस्टेबल रहेंगी हर स्कूटी पर 2 महिला कांस्टेबल रहेंगी। इससे महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी सीधे तौर पर नजर आएगी। पुलिस का मकसद सिर्फ गश्त करना नहीं है। जरूरत पड़ने पर मौके पर पहुंचकर महिलाओं की मदद करना भी टीम की अहम जिम्मेदारी होगी। गश्त के दौरान अगर कोई मनचला छेड़खानी, अभद्र टिप्पणी या महिलाओं को परेशान करता मिला तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई होगी। पुलिस की सक्रिय मौजूदगी से ऐसे तत्वों पर दबाव बनाने की कोशिश है। शहरी क्षेत्रों में रात में भी होगी गश्ती एसएसपी सुशील कुमार ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा में किसी तरह की लापरवाही नहीं होगी। ‘अभया ब्रिगेड’ को इसी उद्देश्य से सक्रिय किया गया है, ताकि महिलाओं को रास्ते में ही सुरक्षा का भरोसा मिले। यह व्यवस्था सिर्फ दिन के समय तक सीमित नहीं रहेगी। शहरी क्षेत्रों में महिला गश्ती दल रात में भी सक्रिय रहेगा। इससे देर रात काम से लौटने वाली महिलाओं और युवतियों को भी सुरक्षा मिल सकेगी।
एसएसपी के अनुसार जिले में सामान्य पुलिस गश्त पहले से जारी है। लेकिन ‘अभया ब्रिगेड’ को विशेष रूप से महिला और बालिका सुरक्षा पर केंद्रित किया गया है। हॉटस्पॉट के हिसाब से टीमों की तैनाती की जाएगी। गश्त के दौरान किसी घटना की सूचना मिलने पर टीम डायल-112 और संबंधित थाने से संपर्क करेगी। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल भी मौके पर भेजा जाएगा। पुलिस दीदी स्कूल-कॉलेजों में छात्राओं को 112 के इस्तेमाल के बारे में भी जागरूक करेंगी।
