बिहार राज्य महिला आयोग ने बिहार के विभिन्न यूनिवर्सिटी के कुलपतियों को पत्र लिखा था। इस लेटर में उन्हें आंतरिक शिकायत कमेटी के बारे में जानकारी देने को कहा गया था। एकमात्र पटना यूनिवर्सिटी को छोड़कर किसी यूनिवर्सिटी ने रिपोर्ट नहीं भेजी है। महिला आयोग ने इसे असंवेदनशील बताया है। आयोग की अध्यक्ष ने ये भी कहा कि इस मामले में वो बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन को लेटर लिखने वाली हैं। आंतरिक शिकायत कमेटी की मांगी गई थी रिपोर्ट बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष प्रो. अप्सरा ने कहा कि महिला आयोग ने बिहार के सभी कुलपतियों को एक चिट्ठी भेजी थी, जिसमें यह जानकारी मांगी गई थी कि उनके यहां आंतरिक शिकायत कमेटी का गठन हुआ है या नहीं। अगर गठन हुआ है, तो उसके सदस्य कौन-कौन है, इसकी पूरी जानकारी मांगी गई थी। मगर यह आश्चर्य की बात है कि सभी कुलपतियों ने असंवेदनशीलता को दर्शाया है। एकमात्र पटना यूनिवर्सिटी से हमारे पास रिपोर्ट आई है, बाकी किसी यूनिवर्सिटी ने हमें रिपोर्ट नहीं भेजी है। इस तरह की असंवेदनशीलता महिला आयोग स्वीकार नहीं करेगी। आने वाले दिनों में हम राज्यपाल को इस मुद्दे पर चिट्ठी लिखने वाले हैं। यूनिवर्सिटी में छात्राओं की सुरक्षित को लेकर उठाया गया था कदम यूनिवर्सिटी में छात्राओं के सुरक्षित माहौल को सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया था। अध्यक्ष ने कहा कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य बिहार के विभिन्न यूनिवर्सिटी के अंतर्गत कॉलेज में पढ़ाई करने आई छात्राओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। इस लेटर के अंतर्गत पटना विश्वविद्यालय, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, बी.एन. मंडल विश्वविद्यालय, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, नालंदा विश्वविद्यालय सहित अन्य यूनिवर्सिटी शामिल थे।
महिला आयोग ने बिहार के कुलपतियों से मांगी थी रिपोर्ट:आंतरिक शिकायत कमेटी पर पटना यूनिवर्सिटी ने दी जानकारी, अन्य की असंवेदनशीलता पर राज्यपाल को जाएगा लेटर
बिहार राज्य महिला आयोग ने बिहार के विभिन्न यूनिवर्सिटी के कुलपतियों को पत्र लिखा था। इस लेटर में उन्हें आंतरिक शिकायत कमेटी के बारे में जानकारी देने को कहा गया था। एकमात्र पटना यूनिवर्सिटी को छोड़कर किसी यूनिवर्सिटी ने रिपोर्ट नहीं भेजी है। महिला आयोग ने इसे असंवेदनशील बताया है। आयोग की अध्यक्ष ने ये भी कहा कि इस मामले में वो बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन को लेटर लिखने वाली हैं। आंतरिक शिकायत कमेटी की मांगी गई थी रिपोर्ट बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष प्रो. अप्सरा ने कहा कि महिला आयोग ने बिहार के सभी कुलपतियों को एक चिट्ठी भेजी थी, जिसमें यह जानकारी मांगी गई थी कि उनके यहां आंतरिक शिकायत कमेटी का गठन हुआ है या नहीं। अगर गठन हुआ है, तो उसके सदस्य कौन-कौन है, इसकी पूरी जानकारी मांगी गई थी। मगर यह आश्चर्य की बात है कि सभी कुलपतियों ने असंवेदनशीलता को दर्शाया है। एकमात्र पटना यूनिवर्सिटी से हमारे पास रिपोर्ट आई है, बाकी किसी यूनिवर्सिटी ने हमें रिपोर्ट नहीं भेजी है। इस तरह की असंवेदनशीलता महिला आयोग स्वीकार नहीं करेगी। आने वाले दिनों में हम राज्यपाल को इस मुद्दे पर चिट्ठी लिखने वाले हैं। यूनिवर्सिटी में छात्राओं की सुरक्षित को लेकर उठाया गया था कदम यूनिवर्सिटी में छात्राओं के सुरक्षित माहौल को सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया था। अध्यक्ष ने कहा कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य बिहार के विभिन्न यूनिवर्सिटी के अंतर्गत कॉलेज में पढ़ाई करने आई छात्राओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। इस लेटर के अंतर्गत पटना विश्वविद्यालय, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, बी.एन. मंडल विश्वविद्यालय, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, नालंदा विश्वविद्यालय सहित अन्य यूनिवर्सिटी शामिल थे।

