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“मेरी बेटी के साथ जो हुआ, उसके बाद सरकार ने सही कार्रवाई की है। 24 से 48 घंटे के अंदर पहले तीन आरोपियों को पकड़ा गया और जो मुख्य आरोपी था, उसका एनकाउंटर भी हुआ है। सरकार के काम से हम बहुत खुश हैं और कार्रवाई से पूरी तरह संतुष्ट हूं। सीएम से मिलकर अच्छा लगा।” जमुई की नाबालिग पीड़िता की मां ने यह बात मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात के बाद कही। उन्होंने आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। दरअसल, 19 सितंबर की शाम 7 बजे जमुई में एक नाबालिग छात्रा के साथ कुछ लड़कों ने बदसलूकी की थी। उसके शरीर पर बैड टच किया। साथ ही उसके साथ जबरन हाथापाई भी की। इस घटना को लेकर 4 दिनों तक परिवार अपने घर में बंद रहा। सबसे पहले 23 सितंबर की शाम परिवार से मुलाकात बिहार प्रदेश महिला कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष डॉ.कुमारी सोनी ने की थी। उन्होंने परिवार को हिम्मत दिया और मीडिया के सामने आने के लिए कहा। इसके बाद परिवार घर से निकलकर पटना पहुंचा और यहां उन्होंने CM सम्राट से मुलाकात कर आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। मां ने कहा, बेटी के साथ हुई घटना का दर्द अब भी हमें है, लेकिन कार्रवाई के बाद मुझे बेटी की सुरक्षा को लेकर सरकार से मिले आश्वासन से राहत मिली है। पहले घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए… पढ़िए CM ने पीड़ित परिवार से क्या कहा… पीड़िता की मां ने बताया, 24 सितंबर की शाम हम पटना आए। यहां हमने अपनी बेटी के साथ हुए घटना को लेकर CM सम्राट चौधरी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने हमसे कहा- आपकी बेटी मेरी बेटी है, आप बिल्कुल निश्चिंत रहिए। मां ने मांग की है, “बेटी के साथ जो हुआ, वह दोबारा किसी दूसरी लड़की के साथ नहीं होना चाहिए। जिस तरह से मेरी बेटी घटना के दौरान खुद को बचाने के लिए सभी आरोपियों के आगे हाथ जोड़ रही थी। अपनी जान की भीख मांग रही। सबके सामने गिड़गिड़ा रही थी, उसी तरह अपराधियों में भी कानून का डर होना चाहिए। वो भी उसी तरह से अपनी जान के लिए गिड़गिड़ाएं। आरोपियों के अंदर सरकार का खौफ होना चाहिए।” ‘बेटी की पढ़ाई और सुरक्षा की चिंता थी, CM ने भरोसा दिया’ पीड़िता की मां के लिए सबसे बड़ी चिंता घटना के बाद बेटी की सुरक्षा और उसका भविष्य था। मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान उन्होंने बेटी की सुरक्षा और पढ़ाई से जुड़ी अपनी चिंता रखी। मां के मुताबिक, सीएम ने हमारी बात सुनी और बेटी की पढ़ाई जारी रखने के साथ सुरक्षा को लेकर आश्वासन दिया। इस मुलाकात के बाद परिवार को भरोसा मिला है। जो भी हमने कहा, सर ने सबका आश्वासन दिया है। चाहे बेटी की सुरक्षा हो या पढ़ाई, सबके लिए भरोसा दिया है। बता दें कि सीएम ने पीड़ित परिवार से मिलने के बाद बच्ची के माता-पिता और उसके परिवार के साथ एक फोटो भी खींचवाया। इसके बाद उन्होंने इस फोटो को अपने X पर पोस्ट करते हुए लिखा- लोकसेवक आवास में जमुई की पीड़ित बच्ची और उनके परिवार से मुलाकात की। बेटी को निर्भय होकर आगे बढ़ने और परिवार को शीघ्र न्याय का भरोसा दिलाया। परिवार ने भी पुलिस की कार्रवाई पर संतोष जताया। सभी दोषियों के विरुद्ध स्पीडी ट्रायल के माध्यम से एक माह के भीतर कठोरतम सजा सुनिश्चित की जाएगी। इस कैप्शन के साथ उन्होंने बच्ची के परिवार का चेहरा बिना ब्लर किए उसे सार्वजनिक कर दिया। ‘CM ने नाबालिग की पहचान उजागर कर POCSO की धज्जियां उड़ाईं’ जमुई कांड को लेकर राजनीतिक बयानबाजी के बीच विपक्ष ने मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि नाबालिग पीड़िता के परिवार के साथ तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा कर उसकी पहचान उजागर की गई। इसे POCSO एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन बताते हुए मुख्यमंत्री से जवाब मांगा गया है। तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए लिखा- POCSO एक्ट के तहत नाबालिग पीड़िता की पहचान गोपनीय रखना अनिवार्य है। पीड़िता के परिजनों के साथ तस्वीर साझा किए जाने से उसकी पहचान सार्वजनिक होने का खतरा पैदा हुआ। POCSO एक्ट की धारा 23(2) के मुताबिक, मीडिया में बच्चे की पहचान उजागर करने वाले नाम, पता, फोटो, परिवार, स्कूल, पड़ोस या ऐसी अन्य जानकारी प्रकाशित नहीं की जा सकती, जिससे उसकी पहचान सामने आए। धारा 23(4) में इसके उल्लंघन पर 6 महीने से 1 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। विशेष अदालत बच्चे के हित में कारण दर्ज करते हुए पहचान उजागर करने की अनुमति दे सकती है। विपक्ष ने इसी प्रावधान का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बता दें कि जमुई में नाबालिग छात्रा से सड़क पर हुई छेड़खानी के बाद परिवार अब भी सदमे में है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन पीड़ित परिवार की चिंता अभी खत्म नहीं हुई है। बुधवार को बिहार प्रदेश महिला कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष डॉ.कुमारी सोनी पीड़ित छात्रा के घर पहुंचीं। इस दौरान पीड़िता के पिता ने इनसे कहा- “मैं वीडियो देखने के बाद से सदमे में हूं। मुझे डर है कि आरोपी जेल से बाहर आने के बाद फिर बेटी को नुकसान पहुंचा सकता है। हम अपनी बेटी को कब तक घर में छिपाकर रखेंगे? अब वो कहीं आने-जाने में भी डरेगी। 4 दिन से न घर का दरवाजा खुला है, न ही हमारे परिवार से कोई बाहर गया है।”
'मेरी बेटी की तरह आरोपी अपनी जान की मांगे भीख':जमुई कांड पर पीड़िता की मां बोलीं-सरकार की कार्रवाई से संतुष्ट,अब किसी बेटी के साथ ऐसा न हो
