कांग्रेस नेता अखिलेश प्रसाद सिंह ने बिहार कांग्रेस की गलत रणनीति को बिहार विधानसभा चुनाव में हार के लिए जिम्मेदार ठहराया। इसके साथ ही वो बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरू पर भी भड़के। उन्होंने कहा, ‘मैं बिहार कांग्रेस का अध्यक्ष था और उसे वक्त शाहनवाज आलम AICC सेक्रेटरी बनकर गए। उनके एक और साथी गए। फिर एक प्रभारी बनकर गए। सबसे पहले इन्होंने मुझे हटाया। मुझे हटाने के बाद जो बिहार चुनाव का परिणाम आया, वह सब जानते हैं।’ यह सभी बातें उन्होंने मंगलवार को दिल्ली में एक कार्यक्रम में कही। मैं अध्यक्ष रहता तो कांग्रेस सिर्फ 5-6 सीट नहीं जीतती- अखिलेश प्रसाद सिंह अखिलेश प्रसाद सिंह ने आगे कहा, ‘बिहार में एक नारा चला, ‘जिसकी जितनी भागीदारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी।’ यह नारा हम लोग कर्पूरी ठाकुर और जगदेव बाबू के जमाने से सुनते आ रहे हैं। लालू जी भी वही कर रहे थे। यूपी में मुलायम सिंह और कुछ हद तक नीतीश कुमार भी वही कर रहे थे। उसी काम को बढ़ा चढ़ा कर कांग्रेस करने लगी।’ 40% बिहार में अपर क्लास के MLA चुनकर आ गए- अखिलेश सिंह अखिलेश प्रसाद सिंह ने आगे कहा, ‘बिहार में सबसे ज्यादा आबादी मुसलमान का 18% था। फिर हिंदुओं में सबसे ज्यादा आबादी लालू जी की कम्युनिटी की थी। बिहार में जाति का सर्वेक्षण होने के बाद जब चुनाव की काउंटिंग हुई, तब रिजल्ट में 243 सीट में मुस्लिम 11 चुनकर आए। यादव 28 हो गए और जिसे 3.54% काउंट किया गया था, उन ठाकुरों ने 32 सीट लाया। उन्होंने आगे कहा, ‘मेरे बिरादरी की 2.89% आबादी ने 27 सीट लाया। वहीं, ब्राह्मणों ने 17 सीट और कायस्थ भी 3-4 सीट जीत लिए। यानी 40% बिहार विधानसभा में अपर क्लास के लोग चुनकर आ गए।’ भारत तिवारी एनकाउंटर की DSP ने रची थी साजिश- अखिलेश सिंह पटना एयरपोर्ट पर उन्होंने भारत तिवारी एनकाउंटर को लेकर बड़ा बयान भी दिया। अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि, “मैं उनके गांव भी गया था। मैंने सरकार से मांग की है कि मामले की अवकाश प्राप्त न्यायाधीश नहीं, बल्कि पटना हाईकोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश से जांच कराई जाए और पीड़ित परिवार को तुरंत 1 करोड़ रुपये राहत के रूप में दिए जाएं।”
'मैं अध्यक्ष रहता तो कांग्रेस सिर्फ 5-6 सीट नहीं जीतती':अखिलेश सिंह का अल्लावरू पर हमला, बोले-जिन्हें राजनीति से कोई मतलब नहीं, उन्हें प्रभारी बनाया गया
कांग्रेस नेता अखिलेश प्रसाद सिंह ने बिहार कांग्रेस की गलत रणनीति को बिहार विधानसभा चुनाव में हार के लिए जिम्मेदार ठहराया। इसके साथ ही वो बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरू पर भी भड़के। उन्होंने कहा, ‘मैं बिहार कांग्रेस का अध्यक्ष था और उसे वक्त शाहनवाज आलम AICC सेक्रेटरी बनकर गए। उनके एक और साथी गए। फिर एक प्रभारी बनकर गए। सबसे पहले इन्होंने मुझे हटाया। मुझे हटाने के बाद जो बिहार चुनाव का परिणाम आया, वह सब जानते हैं।’ यह सभी बातें उन्होंने मंगलवार को दिल्ली में एक कार्यक्रम में कही। मैं अध्यक्ष रहता तो कांग्रेस सिर्फ 5-6 सीट नहीं जीतती- अखिलेश प्रसाद सिंह अखिलेश प्रसाद सिंह ने आगे कहा, ‘बिहार में एक नारा चला, ‘जिसकी जितनी भागीदारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी।’ यह नारा हम लोग कर्पूरी ठाकुर और जगदेव बाबू के जमाने से सुनते आ रहे हैं। लालू जी भी वही कर रहे थे। यूपी में मुलायम सिंह और कुछ हद तक नीतीश कुमार भी वही कर रहे थे। उसी काम को बढ़ा चढ़ा कर कांग्रेस करने लगी।’ 40% बिहार में अपर क्लास के MLA चुनकर आ गए- अखिलेश सिंह अखिलेश प्रसाद सिंह ने आगे कहा, ‘बिहार में सबसे ज्यादा आबादी मुसलमान का 18% था। फिर हिंदुओं में सबसे ज्यादा आबादी लालू जी की कम्युनिटी की थी। बिहार में जाति का सर्वेक्षण होने के बाद जब चुनाव की काउंटिंग हुई, तब रिजल्ट में 243 सीट में मुस्लिम 11 चुनकर आए। यादव 28 हो गए और जिसे 3.54% काउंट किया गया था, उन ठाकुरों ने 32 सीट लाया। उन्होंने आगे कहा, ‘मेरे बिरादरी की 2.89% आबादी ने 27 सीट लाया। वहीं, ब्राह्मणों ने 17 सीट और कायस्थ भी 3-4 सीट जीत लिए। यानी 40% बिहार विधानसभा में अपर क्लास के लोग चुनकर आ गए।’ भारत तिवारी एनकाउंटर की DSP ने रची थी साजिश- अखिलेश सिंह पटना एयरपोर्ट पर उन्होंने भारत तिवारी एनकाउंटर को लेकर बड़ा बयान भी दिया। अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि, “मैं उनके गांव भी गया था। मैंने सरकार से मांग की है कि मामले की अवकाश प्राप्त न्यायाधीश नहीं, बल्कि पटना हाईकोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश से जांच कराई जाए और पीड़ित परिवार को तुरंत 1 करोड़ रुपये राहत के रूप में दिए जाएं।”

