![]()
मोतिहारी के तुरकौलिया चौक पर सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने का अभियान बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान एक बड़ी घटना टल गई जब एक मकान को ध्वस्त करते समय उसका ढांचा जेसीबी मशीन पर गिर गया। हालांकि, मशीन चालक बाल-बाल बच गया। प्रशासन ने जेसीबी की मदद से कई अवैध निर्माणों को ढहाया। इनमें कथित ग्रामीण चिकित्सक डी. आलम का भवन पूरी तरह से तोड़ दिया गया। ढांचा भरभराकर मशीन पर आ गिरा यह घटना डी. आलम के मकान को गिराते समय हुई। अचानक पूरा ढांचा भरभराकर मशीन पर आ गिरा। गनीमत रही कि जेसीबी चालक ने समय रहते सतर्कता दिखाई और सुरक्षित बच निकला। इस दौरान मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रशासन ने डी. आलम सहित अन्य लोगों के मकान भी तोड़े, लेकिन लगभग छह लोगों के घरों को नहीं तोड़े जाने से स्थानीय लोगों में असंतोष देखा गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में भेदभाव किया जा रहा है। पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह की धमकी भी दी थी इसी मुद्दे को लेकर डी. आलम ने मंगलवार को विरोध प्रदर्शन करते हुए अपने शरीर पर पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह की धमकी भी दी थी। यह अतिक्रमण हटाओ अभियान पटना उच्च न्यायालय के आदेश पर चलाया जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता अनीश आलम ने जनहित याचिका दायर कर पीडब्ल्यूडी की जमीन से अतिक्रमण हटाने की मांग की थी। इस संबंध में सीओ संतोष कुमार ने बताया कि जिन पांच लोगों के मकान नहीं तोड़े गए हैं, वे भूमिहीन हैं। उनके लिए पहले वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी, उसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। प्रशासन ने अभियान को निष्पक्ष बताते हुए आगे भी कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
