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मोहनिया अनुमंडल अस्पताल में कथित लापरवाही के कारण एक नवजात शिशु की मौत का मामला सामने आया है। प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव से मां शाहनाज़ बेगम की हालत गंभीर हो गई थी। बाद में डॉक्टरों के प्रयास से उनकी जान बचाई गई। मामले को लेकर समहुता निवासी नसीमुद्दीन ने अस्पताल प्रशासन को लिखित शिकायत दी है। नसीमुद्दीन के अनुसार, वह रविवार सुबह करीब 8:30 बजे अपनी गर्भवती पत्नी को प्रसव के लिए मोहनिया अनुमंडल अस्पताल लेकर पहुंचे थे। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों और आशा कार्यकर्ता पर समय पर इलाज शुरू नहीं करने का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि इलाज शुरू करने के बजाय बाहर से दवाएं मंगवाई गईं और कई घंटे तक उचित देखभाल नहीं की गई। रात में बिगड़ी महिला की हालत परिजन के मुताबिक, रात करीब 10:30 बजे तक उचित उपचार नहीं मिलने के बाद शाहनाज़ बेगम को अत्यधिक रक्तस्राव शुरू हो गया। उनकी हालत गंभीर होने के बावजूद अस्पताल से एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके बाद परिजन निजी वाहन से उन्हें पहले एक स्थानीय निजी क्लिनिक और फिर मुगलसराय स्थित अस्पताल लेकर गए। वहां इलाज, रक्त चढ़ाने और अन्य व्यवस्थाओं में करीब दो लाख रुपये खर्च होने की बात परिजन ने बताई है। मां की जान बची, गर्भ में नवजात की मौत मुगलसराय के अस्पताल में डॉक्टरों के प्रयास से शाहनाज़ बेगम की जान बच गई। हालांकि, परिजनों के अनुसार इलाज में हुई देरी के कारण गर्भ में ही नवजात शिशु की मौत हो गई। महिला की बच्चेदानी को भी गंभीर नुकसान पहुंचने की बात कही गई है। अस्पताल प्रशासन ने शुरू की जांच पीड़ित नसीमुद्दीन ने अस्पताल प्रबंधन से दोषियों की पहचान कर कार्रवाई और न्याय की मांग की है। मोहनिया अनुमंडल अस्पताल के प्रभारी डॉ. अविनाश सिंह ने बताया कि पीड़ित का आवेदन प्राप्त हुआ है और मामले की जांच की जा रही है। आशा कार्यकर्ता से स्पष्टीकरण मांगा गया है। अधिकारियों ने जांच के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
