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भास्कर न्यूज | चरही चुरचू प्रखंड की सभी आठ पंचायतों में मनरेगा योजनाओं का पांच दिवसीय सामाजिक अंकेक्षण शुक्रवार को संपन्न हो गया। अंकेक्षण के दौरान योजनाओं के क्रियान्वयन, अभिलेखों और वित्तीय प्रक्रियाओं की गहन जांच की गई। ग्रामसभा में ज्यूरी सदस्यों के समक्ष अंकेक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इसमें अधिकांश त्रुटियों को मानवीय भूल माना गया। कुछ मामलों में जानबूझकर अनियमितता किए जाने की पुष्टि हुई। चरही पंचायत में दो योजनाओं की जांच के दौरान एमबी बुक और अभिलेखों में छेड़छाड़ का मामला सामने आया। इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए ज्यूरी सदस्यों ने संबंधित तत्कालीन जूनियर इंजीनियर (जेई) पर आर्थिक दंड लगाया। ज्यूरी ने स्पष्ट किया कि इस कार्रवाई का उद्देश्य मनरेगा योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। इससे सरकारी राशि का दुरुपयोग न हो। योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभुकों तक पहुंचे। अंकेक्षण टीम ने पंचायतवार योजनाओं का भौतिक सत्यापन किया। मस्टर रोल, एमबी बुक और अन्य अभिलेखों की बारीकी से जांच की। ग्रामसभा में प्राप्त आपत्तियों और निष्कर्षों को अब संकलित कर जिला स्तरीय टीम के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। वहां अंतिम निर्णय लिया जाएगा। चरही पंचायत भवन में आयोजित ग्रामसभा में अंकेक्षण टीम के सदस्य समेंद्र कुमार दास, सुनील कुमार, सुमन कुमारी एवं उद्दीन हांसदा उपस्थित रहे। वहीं ज्यूरी सदस्यों में पंचायत समिति सदस्य आशा राय, निरंजन महतो और राजू राम शामिल थे।


