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रांची जिले में इस बार भी लड़कियों ने लड़कों से बेहतर प्रदर्शन किया है। यह ट्रेंड पिछले कई वर्षों से जारी है। झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) द्वारा जारी मैट्रिक रिजल्ट 2026 में रांची जिले ने शानदार सुधार दर्ज किया है। पिछले साल 21वें स्थान पर रही रांची इस बार 6 पायदान ऊपर चढ़कर 15वें नंबर पर पहुंच गई। यह सिर्फ रैंकिंग सुधार नहीं, बल्कि जिले की शिक्षा व्यवस्था, स्कूलों की तैयारी और छात्रों की मेहनत का संयुक्त परिणाम माना जा रहा है। इस साल रांची जिले से 32,549 छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे, जिनमें 30,841 छात्र सफल हुए। प्रथम श्रेणी में 19077, द्वितीय श्रेणी में 11254 और तीसरी श्रेणी में 510 स्टूडेंट शामिल हुए। जिले का पास प्रतिशत 94.752 रहा। पिछले साल यह 87.323 प्रतिशत था। यानी एक साल में 7.429 प्रतिशत का सुधार हुआ है, जो बड़ा उछाल माना जा रहा है। 2023 से 2026 में पास प्रतिशत लगातार दूसरे साल गिरावट ने शिक्षा विभाग व स्कूल प्रबंधन के सामने खड़ी कर दी थी चिंता 2024 में पास प्रतिशत घटकर 89.68 रह गया। यानी एक साल में करीब 5.65 प्रतिशत की गिरावट आई। यह संकेत था कि कुछ स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता, तैयारी या परीक्षा प्रदर्शन में कमी रही। 2025 में रिजल्ट और गिरकर 87.32 प्रतिशत हो गया। यह पिछले 4 सालों में सबसे कमजोर प्रदर्शन रहा। लगातार दूसरे साल गिरावट ने शिक्षा विभाग और स्कूल प्रबंधन के सामने चिंता खड़ी कर दी थी। 2026 में रांची जिले ने शानदार वापसी की। पास प्रतिशत बढ़कर 94.75 हो गया। यानी 2025 की तुलना में करीब 7.43 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। यह बताता है कि पिछले साल की कमजोरियों पर काम किया गया और स्कूलों ने बेहतर तैयारी कराई। साल 2023 में जिले का रिजल्ट 95.33% रहा था, जो हाल के वर्षों में सबसे बेहतर रहा। इस बार 94.752% रिजल्ट रिकॉर्ड से थोड़ा ही कम है। दो साल गिरावट के बाद 2026 में जोरदार वापसी मैट्रिक परीक्षा परिणाम के पिछले चार वर्षों के आंकड़े रांची जिले की शिक्षा व्यवस्था की बदलती तस्वीर दिखाते हैं। 2023 में जहां रिजल्ट शानदार रहा, वहीं अगले दो वर्षों में गिरावट दर्ज की गई। लेकिन 2026 में जिले ने दमदार वापसी करते हुए फिर से बेहतर प्रदर्शन किया है। साल 2023 रांची जिले के लिए सबसे बेहतर वर्षों में रहा। 95.33 प्रतिशत पास रिजल्ट यह दिखाता है कि उस समय स्कूलों में पढ़ाई, बोर्ड तैयारी और छात्रों की मेहनत का अच्छा तालमेल था। जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था। रिजल्ट में सुधार प्रशासनिक तैयारी संग मॉक टेस्ट, मॉडल पेपर से आया पिछले साल अपेक्षा से कमजोर प्रदर्शन के बाद शिक्षा विभाग ने इस बार पहले से तैयारी शुरू कर दी थी। स्कूलों में विशेष कक्षाएं, मॉक टेस्ट, मॉडल पेपर और लगातार समीक्षा बैठकें कराई गईं। इसका सीधा असर रिजल्ट पर दिखा। रैंकिंग में 21वें से 15वें स्थान पर पहुंचना बताता है कि जिले ने रणनीतिक तरीके से काम किया। छात्राएं 95.87% और छात्र 93.37% सफल हुए लड़कियां लगातार लड़कों से आगे… 2026: छात्राएं 95.87% और छात्र 93.37% सफल हुए 2025: लड़कियों का रिजल्ट 89.23% रहा, जबकि लड़कों का 85.16% 2024: छात्राएं 91 प्रतिशत और छात्र 87.70 प्रतिशत सफल हुए


