रांची रेल मंडल के अंतर्गत रांची-लोहरदगा-टोरी रेलखंड पर कोयल नदी स्थित क्षतिग्रस्त रेलवे पुल की मरम्मत पूरी हो गई है। इसके ट्रायल में रेलवे को पूरी सफलता मिली। सबसे पहले पुल पर टावर वैगन चलाया गया। इसके बाद डबल इंजन को 10 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाकर परीक्षण किया गया। सफल ट्रायल के बाद अब इस रेलखंड पर ट्रेनों के संचालन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। डीआरएम करुणानिधि सिंह ने बताया कि शुक्रवार रात 12 बजे के बाद मालगाड़ियों की आवाजाही शुरू कर दी गई। आज से शुरू होगी सीधी ट्रेन सेवा करीब 83 दिनों के लंबे इंतजार के बाद शनिवार से रांची-टोरी रेललाइन पर सीधी ट्रेन सेवा बहाल हो रही है। इस रूट पर चार जनवरी से परिचालन बाधित था, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही थी। रोजाना 18 से 20 हजार यात्रियों की आवाजाही वाले इस मार्ग पर ट्रेनें इरगांव तक ही सीमित कर दी गई थीं। अब सभी मेमू, पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनें अपने पूर्व निर्धारित समय और रूट से संचालित होंगी, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। पहले की तरह ही चलेंगी ये ट्रेनें रेलवे प्रशासन के अनुसार नयी दिल्ली-रांची राजधानी एक्सप्रेस, रांची-नयी दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, चोपन-रांची, सासाराम-रांची, संतरागाछी-अजमेर सहित कई महत्वपूर्ण ट्रेनें पहले की तरह चलेंगी। इसके अलावा रांची-लोहरदगा और रांची-टोरी मेमू ट्रेनों का परिचालन भी सामान्य हो जाएगा। वहीं लोहरदगा-टोरी पैसेंजर स्पेशल ट्रेनों (08111/08112/08113/08114) का संचालन 28 मार्च से बंद कर दिया जाएगा। यात्रियों की सुविधा के लिए इरगांव-लोहरदगा के बीच चल रही मुफ्त बस सेवा 28 मार्च तक जारी रहेगी, जिसे 29 मार्च से बंद कर दिया जाएगा। दरार के कारण रुका था संचालन गौरतलब है कि नागजुआ और लोहरदगा स्टेशन के बीच स्थित पुल संख्या 115 के पिलर संख्या चार और पांच में दरार आने के कारण चार जनवरी से इस रेलखंड पर परिचालन रोक दिया गया था। फिलहाल पुल पर स्टील गर्डर लगाकर तीन माह के लिए अस्थायी व्यवस्था की गई है। सुरक्षा के मद्देनजर इस पुल पर ट्रेनों की अधिकतम गति 20 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। रेलवे प्रशासन लगातार निगरानी रख रहा है, ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी न हो।