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शेखपुरा के राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय में स्टार्टअप सेल द्वारा उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ऑडिटोरियम हॉल में हुए इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों में उद्यमिता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें अपने स्वयं के उद्यम शुरू करने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में सैक्रेड गुरुकुल के संस्थापक और एमडॉक के सह-संस्थापक शशि कुमार मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में उद्यमिता के महत्व पर प्रकाश डाला और अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि सही सोच, निरंतर प्रयास और उचित मार्गदर्शन से छात्र अपने विचारों को सफल उद्यम में बदल सकते हैं। नवाचार अपनाने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित शशि कुमार ने छात्रों को जोखिम लेने, नवाचार अपनाने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि उद्यमिता केवल व्यवसाय शुरू करना नहीं, बल्कि समस्याओं का समाधान खोजना और समाज में सकारात्मक बदलाव लाना भी है। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संदीप तिवारी और डीन एकेडमिक्स डॉ. जयशंकर प्रसाद केशरी सहित सभी प्राध्यापक और कर्मचारीगण मौजूद थे। सभी ने कार्यक्रम की सराहना की और छात्रों को ऐसे आयोजनों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण प्राचार्य डॉ. संदीप तिवारी ने अपने संदेश में कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने जोर दिया कि महाविद्यालय छात्रों को उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। यह कार्यक्रम स्टार्टअप सेल के फैकल्टी इंचार्ज प्रो. संदीप कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। प्रो. कुमार ने बताया कि स्टार्टअप सेल का लक्ष्य छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है। ऐसे कार्यक्रमों को निरंतर आयोजित करने की आवश्यकता पर बल कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और इसे अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया। स्टार्टअप सेल के छात्र प्रतिनिधि आशीष कुमार, प्रियांशु भारद्वाज और आदित्य कुमार का कार्यक्रम के सफल आयोजन में विशेष योगदान रहा। सभी उपस्थित लोगों ने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों को निरंतर आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि छात्रों में उद्यमिता और नवाचार की सोच को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।


