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बिहार की ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी राजगीर में आगामी 17 मई से 15 जून तक आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध मलमास मेले को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में है। देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए जिलाधिकारी कुंदन कुमार और पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने पुख्ता इंतजाम करने के कड़े निर्देश दिए हैं। इस वर्ष मेले में श्रद्धालुओं की संख्या पिछले रिकॉर्ड को तोड़ने की संभावना है, जिसे देखते हुए प्रशासन किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने के मूड में नहीं है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले मलमास मेले में करीब 3 करोड़ 12 लाख लोग राजगीर पहुंचे थे, जबकि इस बार यह आंकड़ा और भी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। पेयजल टैंकरों की व्यवस्था श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने और उनकी सुविधा के लिए मेला क्षेत्र में 14 विशाल यात्री शेड और लगभग 700 शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जगह-जगह स्टैंड पोस्ट और चलंत पेयजल टैंकरों की व्यवस्था रहेगी। साथ ही, डिजिटल लेनदेन की सुगमता के लिए बैंकों को चलंत एटीएम तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। मेले का मुख्य आकर्षण ब्रह्मकुंड और सप्तधारा कुंड श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन 22 घंटे खुले रहेंगे, जबकि सफाई व्यवस्था के लिए इन्हें केवल 2 घंटे ही बंद रखा जाएगा। कुंडों पर पूजा-अर्चना कराने वाले पुरोहितों की निगरानी के लिए पंडा समिति से उनकी सूची, फोटो और मोबाइल नंबर मांगे गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। अफवाह फैलाने पर सख्ती कार्रवाई सुरक्षा के मोर्चे पर पुलिस प्रशासन ने अभेद्य घेराबंदी की योजना बनाई है। पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने स्पष्ट किया है कि जेबकतरों, चेन स्नैचरों और असामाजिक तत्वों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर ड्रोन कैमरों का भी सहारा लिया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मेला क्षेत्र और राजगीर के विभिन्न हिस्सों में 48 अस्थायी पुलिस पोस्ट (टीओपी) बनाए जा रहे हैं, साथ ही एक समर्पित अस्थायी मेला थाना भी स्थापित किया जाएगा। एसपी ने सख्त चेतावनी दी है कि मेले के दौरान अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ पुलिस बेहद सख्ती से निपटेगी और संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल के साथ सिविल ड्रेस में भी जवानों की तैनाती होगी। ई-रिक्शा की कोडिंग के निर्देश यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए राजगीर में बड़े वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। शहर के भीतर ई-रिक्शा और टांगा केवल निर्धारित रूट पर ही चलेंगे और ट्रैफिक डीएसपी को सभी ई-रिक्शा की कोडिंग करने का निर्देश दिया गया है। यात्रियों से अधिक किराया वसूलने की शिकायतों को रोकने के लिए वाहनों पर रूट और तय किराए का बैनर लगाना अनिवार्य होगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को सीधे जब्त कर लिया जाएगा। जिलाधिकारी ने इस आयोजन को भारत सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग की गाइडलाइन के अनुरूप सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने का संकल्प दोहराते हुए सभी धर्मगुरुओं और पंडा समिति के सदस्यों से प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने की अपील की है।

