विश्व प्रसिद्ध राजगीर मलमास मेले को लेकर सोशल मीडिया पर दहशत फैलाने की साजिश रची जा रही है। कुछ डिजिटल क्रिएटर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दुरुपयोग कर मेले में बड़े हादसों के फर्जी वीडियो वायरल कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। भ्रामक वीडियो फैलाने वाली सोशल मीडिया आईडी के खिलाफ साइबर थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। जानिए क्या है पूरा मामला इन दिनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर राजगीर मलमास मेले से जुड़े कुछ बेहद डरावने वीडियो तेजी से शेयर किए जा रहे हैं। इन वीडियो में मेले के अंदर अचानक झूला टूटकर गिरने, एक मां-बेटे के झूले से नीचे गिरने और मेले की दुकानों में भीषण आग लगने जैसे खौफनाक दृश्य दिखाए गए हैं। एआई तकनीक की मदद से बनाए गए ये दृश्य इतने वास्तविक लगते हैं कि आम लोग आसानी से धोखा खा रहे हैं। हालांकि, स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ये वीडियो पूरी तरह से फर्जी है। मलमास मेले में ऐसी कोई भी अप्रिय घटना नहीं हुई है और मेला श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है। ‘व्यूज और लाइक्स की होड़’ जांच में सामने आया है कि इन फर्जी वीडियो को बनाने के पीछे कुछ डिजिटल क्रिएटर्स का एकमात्र उद्देश्य रातों-रात ‘व्यूज’ और ‘लाइक्स’ बटोरना है। सस्ती लोकप्रियता और अपनी डिजिटल रीच बढ़ाने की होड़ में ये असामाजिक तत्व आम जनता की भावनाओं और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, जिससे मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच बेवजह डर का माहौल बन रहा है। डीएसपी ने दी सख्त चेतावनी राजगीर डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि एआई जनरेटेड फर्जी वीडियो के जरिए अफवाह फैलाई जा रही है। एआई से जनरेट कर कुछ डिजिटल क्रिएटर फेक वीडियो बनाकर मलमास मेले को लेकर अफवाह फैला रहे हैं। मामले का संज्ञान लेते हुए साइबर थाने में संबंधित आईडी पर प्राथमिकी दर्ज कराई जा रही है। ऐसे भ्रामक वीडियो डालने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की आम जनता से अपील प्रशासन ने आम जनता और सोशल मीडिया यूजर्स से अपील करते हुए कहा कि वे इंटरनेट पर वायरल होने वाले ऐसे किसी भी भ्रामक वीडियो पर आंख मूंदकर विश्वास न करें। डिजिटल युग में बिना प्रामाणिकता की जांच किए किसी भी सामग्री या वीडियो को आगे फॉरवर्ड करने से बचें। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि मेला परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। अफवाहों पर ध्यान न दें। सुरक्षित व शांतिपूर्ण माहौल में मेले का आनंद लें।
राजगीर मेले को लेकर फैलाई दहशत, साइबर थाने में केस:फेक AI वीडियो बनाकर किया वायरल, डीएसपी ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी
विश्व प्रसिद्ध राजगीर मलमास मेले को लेकर सोशल मीडिया पर दहशत फैलाने की साजिश रची जा रही है। कुछ डिजिटल क्रिएटर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दुरुपयोग कर मेले में बड़े हादसों के फर्जी वीडियो वायरल कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। भ्रामक वीडियो फैलाने वाली सोशल मीडिया आईडी के खिलाफ साइबर थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। जानिए क्या है पूरा मामला इन दिनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर राजगीर मलमास मेले से जुड़े कुछ बेहद डरावने वीडियो तेजी से शेयर किए जा रहे हैं। इन वीडियो में मेले के अंदर अचानक झूला टूटकर गिरने, एक मां-बेटे के झूले से नीचे गिरने और मेले की दुकानों में भीषण आग लगने जैसे खौफनाक दृश्य दिखाए गए हैं। एआई तकनीक की मदद से बनाए गए ये दृश्य इतने वास्तविक लगते हैं कि आम लोग आसानी से धोखा खा रहे हैं। हालांकि, स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ये वीडियो पूरी तरह से फर्जी है। मलमास मेले में ऐसी कोई भी अप्रिय घटना नहीं हुई है और मेला श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है। ‘व्यूज और लाइक्स की होड़’ जांच में सामने आया है कि इन फर्जी वीडियो को बनाने के पीछे कुछ डिजिटल क्रिएटर्स का एकमात्र उद्देश्य रातों-रात ‘व्यूज’ और ‘लाइक्स’ बटोरना है। सस्ती लोकप्रियता और अपनी डिजिटल रीच बढ़ाने की होड़ में ये असामाजिक तत्व आम जनता की भावनाओं और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, जिससे मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच बेवजह डर का माहौल बन रहा है। डीएसपी ने दी सख्त चेतावनी राजगीर डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि एआई जनरेटेड फर्जी वीडियो के जरिए अफवाह फैलाई जा रही है। एआई से जनरेट कर कुछ डिजिटल क्रिएटर फेक वीडियो बनाकर मलमास मेले को लेकर अफवाह फैला रहे हैं। मामले का संज्ञान लेते हुए साइबर थाने में संबंधित आईडी पर प्राथमिकी दर्ज कराई जा रही है। ऐसे भ्रामक वीडियो डालने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की आम जनता से अपील प्रशासन ने आम जनता और सोशल मीडिया यूजर्स से अपील करते हुए कहा कि वे इंटरनेट पर वायरल होने वाले ऐसे किसी भी भ्रामक वीडियो पर आंख मूंदकर विश्वास न करें। डिजिटल युग में बिना प्रामाणिकता की जांच किए किसी भी सामग्री या वीडियो को आगे फॉरवर्ड करने से बचें। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि मेला परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। अफवाहों पर ध्यान न दें। सुरक्षित व शांतिपूर्ण माहौल में मेले का आनंद लें।

