7 करोड़ से अग्निशमन विभाग का अपग्रेडेशन; 2 महीने में शुरू होगा सेंट्रल कंट्रोल रूम झारखंड में अब आग बुझाने की व्यवस्था भी हाईटेक और डिजिटल होने जा रही है। राज्य की 150 दमकल गाड़ियों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग रांची से होगी। इसके लिए डोरंडा फायर स्टेशन के तीसरे तल्ले पर सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है, जहां से पूरे राज्य के फायर सिस्टम पर नजर रखी जाएगी।
करीब 7 करोड़ रुपए की लागत से अग्निशमन विभाग का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। कंट्रोल रूम में तीन शिफ्ट में 9 कर्मी 24 घंटे तैनात रहेंगे। यहां बैठे कर्मी राज्य के सभी जिलों में चल रही दमकल गाड़ियों की लोकेशन, मूवमेंट और गतिविधियों की निगरानी करेंगे। सभी दमकल गाड़ियों में वायरलेस सिस्टम…लोकेशन ट्रैक होगी
अभी राज्य की दमकल गाड़ियों में जीपीएस नहीं है। ऐसे में अधिकारियों को यह पता लगाने में दिक्कत होती है कि सूचना मिलने के बाद गाड़ी कहां पहुंची और कितनी देर में मौके तक पहुंची। कई बार फोन से भी संपर्क नहीं हो पाता। अब सभी दमकल गाड़ियों में जीपीएस और वायरलेस सिस्टम लगाया जाएगा, ताकि कंट्रोल रूम से उनकी लोकेशन तुरंत ट्रैक की जा सके। विभाग इसके लिए उपकरण खरीद चुका है। कंट्रोल रूम का सेटअप लगभग तैयार… कंट्रोल रूम के लिए सर्वर रूम तैयार हो चुका है। बैकअप बैटरी, मॉनिटर, कंप्यूटर, टेबल और अन्य जरूरी उपकरण लगाए जा चुके हैं। विभाग का लक्ष्य है कि अगले 2 महीने में यह सिस्टम चालू कर दिया जाए। जानिए… इससे क्या बदलेगा
आपात स्थिति में संबंधित जिले को तुरंत अलर्ट भेजा जा सकेगा {दमकल गाड़ियों की लोकेशन और मूवमेंट की लाइव जानकारी मिलेगी {फील्ड और मुख्यालय के बीच समन्वय बेहतर होगा {आग बुझाने और रेस्क्यू ऑपरेशन का रिस्पॉन्स टाइम घटेगा राज्य के फायर सिस्टम की मॉनिटरिंग एक जगह से: स्टेट फायर ऑफिसर झारखंड अग्निशमन विभाग को एडवांस बनाने के उद्देश्य से सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है। अगले 2 महीने में इसे चालू कर दिया जाएगा। इसके बाद राज्य के फायर सिस्टम की मॉनिटरिंग यहीं से होगी। -जितेंद्र तिवारी, स्टेट फायर ऑफिसर

