रामगढ़ जिले के पतरातू में रेलवे ओवरब्रिज निर्माण कार्य कर रही कंपनी एमजी कॉन्ट्रैक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के बेस कैंप ऑफिस पर रविवार देर रात अपराधियों ने फायरिंग और बमबारी कर सनसनी फैला दी। बाइक सवार दो अपराधी अचानक साइट के मुख्य गेट पर पहुंचे और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड प्रदीप राजवंशी (35) को गोली लग गई। घटना के बाद निर्माण स्थल पर मौजूद कर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। अपराधियों ने जाते-जाते गेट पर बम भी फेंका और आराम से जयनगर की ओर फरार हो गए। घायल गार्ड को रिम्स रेफर, हालत स्थिर घायल गार्ड प्रदीप राजवंशी पतरातू के जयनगर का रहने वाला है। उसे तुरंत स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए रांची स्थित रिम्स रेफर कर दिया। गार्ड को जांघ के पास गोली लगी है। फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है और हालत स्थिर बताई जा रही है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। निर्माण कार्य से जुड़े लोगों में भय व्याप्त है। पुलिस ने बरामद किए खोखा और पर्चा घटना की सूचना मिलते ही पतरातू एसडीपीओ गौरव गोस्वामी, इंस्पेक्टर सत्येंद्र कुमार और थाना प्रभारी शिवलाल कुमार गुप्ता सशस्त्र बलों के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल से तीन खोखा, फटा हुआ बम और अपराधियों द्वारा फेंका गया धमकी भरा पर्चा बरामद किया है। पर्चे में राहुल दुबे गैंग ने घटना की जिम्मेदारी लेते हुए निर्माण कंपनी को धमकी दी है। पुलिस आसपास के इलाकों में छापेमारी कर रही है और कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। साथ ही सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। पहले भी हो चुकी है रंगदारी को लेकर वारदात बताया जाता है कि ओवरब्रिज निर्माण साइट पर इससे पहले भी रंगदारी को लेकर कई घटनाएं हो चुकी हैं। 3 जनवरी 2026 को भी राहुल सिंह गैंग द्वारा यहां फायरिंग की गई थी, जबकि 10 दिसंबर 2024 को अमन श्रीवास्तव गिरोह ने अंधाधुंध गोलीबारी की थी। इन मामलों में अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। ताजा घटना के बाद एक बार फिर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।
