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रामगढ़ गुरुद्वारा साहिब में बैसाखी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। सिख समुदाय के लिए यह पर्व नए साल और ‘खालसा सृजना दिवस’ के रूप में विशेष महत्व रखता है। इस अवसर पर गुरुद्वारा साहिब में बड़ी संख्या में सिख संगत शिरकत किया। पर्व की शुरुआत रविवार को अखंड पाठ के साथ हुई थी, जिसका समापन आज सुबह 8 बजे हुआ। इसके बाद गुरुद्वारा साहिब में निशान साहब बदला गया। इस सेवा का दायित्व रामगढ़ के समाजसेवी रमेंद्र सिंह गांधी के परिवार ने निभाया। बैसाखी के अवसर पर गुरुद्वारा साहिब में एक विशेष दीवान सजाया गया, जो सुबह 10:30 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक चला। इस दीवान में लखनऊ के प्रसिद्ध कीर्तनकार भाई जसविंदर सिंह खालसा ने अपनी मधुर वाणी से संगत को मंत्रमुग्ध किया। गुरुद्वारा साहिब के हेड ग्रंथि भाई गुरविंदर सिंह ने अरदास संपन्न की। रामगढ़ गुरुद्वारा साहिब के प्रधान परमदीप सिंह कालरा ने बैसाखी के शुभ अवसर पर सभी सिख समुदाय के लोगों को बधाई दी। उन्होंने बताया कि यह पर्व सिख समाज के लिए खुशियां लेकर आता है, क्योंकि इसी दिन वे अपना नया साल मनाते हैं। इस अवसर पर गुरुद्वारा साहिब में अटूट लंगर भी बांटा गया। इस पावन पर्व में खालसा फेडरेशन स्त्री सत्संग के सदस्यों के साथ-साथ गुरुद्वारा साहिब के प्रधान परमदीप सिंह कालरा, हैप्पी छाबड़ा, अमरजीत सिंह सैनी, प्रीतम सिंह कालरा, जोगेंद्र सिंह जग्गी, रविंद्र सिंह छाबड़ा, गुरजीत सिंह सलूजा सहित बड़ी संख्या में सिख समाज के लोग शामिल हुए।


