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झारखंड में आज मौसम का मिजाज अचानक बदलने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार राज्य के कई इलाकों में तेज आंधी, मेघगर्जन और मूसलाधार बारिश की संभावना है। खासकर रामगढ़, बोकारो और धनबाद के कुछ हिस्सों में भारी वर्षा को लेकर विशेष अलर्ट जारी किया गया है। यहां सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए हुए हैं। कई जगहों पर रुक-रुक कर बारिश हुई। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने, खुले स्थानों से दूर रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित रहने की अपील की है। बताया गया है कि दिनभर बादल छाए रहने और बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज होगी, जिससे उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। कई जिलों में तेज हवाएं और वज्रपात की आशंका बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र और साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर अब झारखंड में साफ दिखने लगा है। इसके प्रभाव से राज्य के पश्चिमी और मध्य भागों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ वज्रपात की भी प्रबल संभावना जताई गई है। वहीं दक्षिणी क्षेत्रों में भी 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है। 17 जुलाई को गोड्डा, साहिबगंज, दुमका, पाकुड़, खूंटी, सरायकेला-खरसावां और सिंहभूम क्षेत्र में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। राजधानी रांची सहित अन्य जिलों में मध्यम दर्जे की बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों तक राज्य में मौसम सक्रिय बना रहेगा। धान की फसल लगाने की बढ़ेगी रफ्तार लगातार हो रही बारिश का असर तापमान पर भी देखने को मिला है। रांची में बुधवार को 14 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे अधिकतम तापमान 30.6 डिग्री और न्यूनतम 23.9 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। इसी तरह सिमडेगा में 34 मिमी और मेदिनीनगर में 21 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक यह बारिश किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी। जून और जुलाई के शुरुआती दिनों में कम बारिश के कारण खेती प्रभावित हो रही थी, लेकिन अब मानसून के सक्रिय होने से धान की रोपनी को गति मिलेगी। 18 जुलाई को भी राज्य के कई जिलों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में मानसून पूरी तरह सक्रिय होकर बारिश की कमी को काफी हद तक पूरा करेगा।

