मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रामगढ़ जिले के गोला में पुलिस द्वारा पैसे मांगने और मारपीट के मामले पर संज्ञान लिया है। उन्होंने रामगढ़ पुलिस को दोषी कर्मियों पर तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। यह घटना मंगलवार को हुई थी। बरलंगा के मत्स्य मित्र शिवनारायण केवट और उनके पुत्र पवन कुमार केवट अपनी पिकअप वैन से मछली के बीज लेकर गोला थाना क्षेत्र के बेटुलकला पंचायत स्थित पतरातू गांव के एक तालाब में छोड़ने जा रहे थे। पुलिसकर्मियों ने मत्स्य वाहन को रोका इसी दौरान, थाना क्षेत्र के पूरबडीह जंगल के पास गोला थाना की पेट्रोलिंग वाहन खड़ी थी। पुलिसकर्मियों ने मत्स्य वाहन को रोका और पूछताछ करने लगे। मत्स्य मित्र ने बताया कि गाड़ी में मछली के बीज हैं। पुलिसकर्मियों ने बीज देखने के बाद उनसे पांच सौ रुपए की मांग की। पवन कुमार केवट ने पैसे देने से इनकार कर दिया। आरोप है कि एक पुलिसकर्मी ने उन्हें पकड़कर जोरदार चांटा मारा और पीटते रहे। पुलिस की इस हरकत के बाद मत्स्य कर्मियों ने मौके पर हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हंगामे के बाद, मत्स्य मित्र शिवनारायण केवट ने राज्य के मत्स्य उप-निदेशक मनोज कुमार ठाकुर को घटना की पूरी जानकारी दी। उप-निदेशक ने जिले के एसपी मुकेश लुनायत को पुलिस की इस कार्रवाई से अवगत कराया और मामले की जांच करने को कहा। इसी बीच, किसी ने इस हंगामे का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वायरल वीडियो में मत्स्य मित्र और उनके साथी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते और मामले की जांच डीसी से कराने की मांग करते दिख रहे हैं। वीडियो में थाना के एसआई स्वामी रंजन ओझा भी नजर आ रहे हैं। वहीं, आरोप यह भी है कि पुलिस द्वारा काफी देर तक तपती धूप में गाड़ी को रोके रखने के कारण गाड़ी में रखे पांच लाख मत्स्य बीज मर गए, जिससे वे तालाब तक नहीं पहुंच पाए।
रामगढ़ में पुलिस पर पैसे मांगने और मारपीट का आरोप:मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान, दोषी कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रामगढ़ जिले के गोला में पुलिस द्वारा पैसे मांगने और मारपीट के मामले पर संज्ञान लिया है। उन्होंने रामगढ़ पुलिस को दोषी कर्मियों पर तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। यह घटना मंगलवार को हुई थी। बरलंगा के मत्स्य मित्र शिवनारायण केवट और उनके पुत्र पवन कुमार केवट अपनी पिकअप वैन से मछली के बीज लेकर गोला थाना क्षेत्र के बेटुलकला पंचायत स्थित पतरातू गांव के एक तालाब में छोड़ने जा रहे थे। पुलिसकर्मियों ने मत्स्य वाहन को रोका इसी दौरान, थाना क्षेत्र के पूरबडीह जंगल के पास गोला थाना की पेट्रोलिंग वाहन खड़ी थी। पुलिसकर्मियों ने मत्स्य वाहन को रोका और पूछताछ करने लगे। मत्स्य मित्र ने बताया कि गाड़ी में मछली के बीज हैं। पुलिसकर्मियों ने बीज देखने के बाद उनसे पांच सौ रुपए की मांग की। पवन कुमार केवट ने पैसे देने से इनकार कर दिया। आरोप है कि एक पुलिसकर्मी ने उन्हें पकड़कर जोरदार चांटा मारा और पीटते रहे। पुलिस की इस हरकत के बाद मत्स्य कर्मियों ने मौके पर हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हंगामे के बाद, मत्स्य मित्र शिवनारायण केवट ने राज्य के मत्स्य उप-निदेशक मनोज कुमार ठाकुर को घटना की पूरी जानकारी दी। उप-निदेशक ने जिले के एसपी मुकेश लुनायत को पुलिस की इस कार्रवाई से अवगत कराया और मामले की जांच करने को कहा। इसी बीच, किसी ने इस हंगामे का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वायरल वीडियो में मत्स्य मित्र और उनके साथी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते और मामले की जांच डीसी से कराने की मांग करते दिख रहे हैं। वीडियो में थाना के एसआई स्वामी रंजन ओझा भी नजर आ रहे हैं। वहीं, आरोप यह भी है कि पुलिस द्वारा काफी देर तक तपती धूप में गाड़ी को रोके रखने के कारण गाड़ी में रखे पांच लाख मत्स्य बीज मर गए, जिससे वे तालाब तक नहीं पहुंच पाए।

