राज्यसभा की दो सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर महागठबंधन के दो प्रमुख घटक दलों—झामुमो (JMM) और कांग्रेस में तनातनी बेहद बढ़ गई है। गुरुवार रात कांग्रेस द्वारा अपने प्रत्याशी की घोषणा किए जाने के बाद, शुक्रवार को झामुमो विधायकों ने दोनों ही सीटों पर अपना दावा ठोक दिया। झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने तल्ख तेवर दिखाते हुए कहा कि आखिर यह एकतरफा प्यार कब तक चलेगा। सीएम आवास पर बुलाई गई आपात बैठक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को शुक्रवार को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग और पर्यटन विभाग की समीक्षा बैठकें करनी थीं, लेकिन उपजे राजनीतिक हालात के बाद उन्होंने अपने सभी सरकारी कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया। सीएम ने अपने आवास पर पार्टी विधायकों और वरिष्ठ नेताओं की एक आपात बैठक बुलाई। करीब दो घंटे तक चली इस बैठक में सभी नेताओं ने एक सुर में दोनों सीटों पर झामुमो प्रत्याशी उतारने का सुझाव दिया। साथ ही, केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन को इस पर अंतिम फैसला लेने के लिए अधिकृत कर दिया। दोनों सीटों पर उम्मीदवार कौन होंगे, इसका निर्णय भी अब मुख्यमंत्री ही लेंगे। झामुमो में फिलहाल अंजनी सोरेन, विनोद कुमार पांडेय, फागू बेसरा और प्रणव वर्मा के नामों पर चर्चा चल रही है। कांग्रेस के कदम पर जताई नाराजगी बैठक के बाद मंत्री हफीजुल हसन और योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि हमने अपनी भावनाओं से केंद्रीय अध्यक्ष को अवगत करा दिया है और दोनों सीटों पर प्रत्याशी उतारने की सलाह दी है। वहीं पूर्व मंत्री बैजनाथ राम ने कहा कि कांग्रेस ने पहले कहा था कि मुख्यमंत्री की पसंद का ही प्रत्याशी होगा, लेकिन फिर अचानक अपने स्तर पर प्रत्याशी के नाम की घोषणा कर दी। कांग्रेस के इस कदम पर सभी नेताओं ने कड़ी नाराजगी जताई। हम पूरे त्याग के साथ एकतरफा प्यार करते आ रहे हैं: सुप्रियो झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने गठबंधन के समीकरणों पर बोलते हुए कहा, “महागठबंधन में हम पूरे त्याग के साथ एकतरफा प्यार करते आ रहे हैं। वर्ष 2019 में सिर्फ एक विधायक वाले राजद के सत्यानंद भोक्ता को मंत्री बनाया गया। कांग्रेस को चार मंत्री पद मिले। वर्ष 2024 में भी कांग्रेस को चार मंत्री पद दिए गए। इसके बावजूद इन दोनों दलों ने बिहार विधानसभा चुनाव में हमारे साथ वादाखिलाफी की। पहले राजद ने दरकिनार किया, फिर कांग्रेस ने भी साथ नहीं दिया। असम विधानसभा चुनाव में भी हमें अकेला छोड़ दिया गया।” उन्होंने आगे कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में झामुमो की बदौलत ही कांग्रेस को दोनों सीटें मिली थीं और विधानसभा चुनाव में भी हेमंत सोरेन के नेतृत्व में महागठबंधन को 56 सीटें आईं। इस गणित के हिसाब से दोनों सीटों पर झामुमो का स्वाभाविक दावा बनता है। दूरी पाटने के लिए सीएम से मिलेंगे कांग्रेसी: प्रदीप यादव इधर, कांग्रेस विधायक दल की भी शुक्रवार शाम को बैठक हुई, जिसमें राज्यसभा चुनाव को लेकर रणनीति तय की गई। बैठक के बाद विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा कि झामुमो के साथ जो थोड़ी बहुत दूरी दिख रही है, उसे बातचीत के जरिए दूर करने के लिए कांग्रेस नेता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात करेंगे। दूसरी तरफ, सुप्रियो भट्टाचार्य के बयान पर पलटवार करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि प्रत्याशी की घोषणा से पहले प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू और तेलंगाना के डिप्टी सीएम मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की थी। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी खुद मुख्यमंत्री से बात की थी, जिसके बाद ही प्रत्याशी का एलान किया गया। कमलेश ने भरोसा जताया कि गठबंधन से राज्यसभा चुनाव के लिए दो प्रत्याशी होंगे और दोनों ही जीत दर्ज करेंगे। भाजपा: गौरव वल्लभ हो सकते हैं प्रत्याशी, आज होगी घोषणा भाजपा विधायक दल की भी शुक्रवार को बैठक हुई, जिसमें राज्यसभा चुनाव में जीत की रणनीति तैयार की गई। भाजपा के राज्यसभा प्रत्याशी के रूप में गौरव वल्लभ के नाम की चर्चा दिन भर चलती रही। शनिवार को पार्टी आधिकारिक रूप से अपने प्रत्याशी के नाम की घोषणा करेगी। बैठक के बाद पार्टी के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने कहा कि भाजपा प्रत्याशी उतारेगी और हर हाल में जीतेगी। हम पक्ष और विपक्ष के सभी विधायकों से वोट मांगेंगे। इसके अलावा, भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन भी शनिवार सुबह रांची पहुंच रहे हैं, जिनके स्वागत के लिए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने तैयारियों की समीक्षा की है। माले और राजद बोले: हमसे किसी ने संपर्क नहीं किया भाकपा माले: राज्य सचिव मनोज भक्त ने कहा कि झामुमो या कांग्रेस के किसी नेता ने औपचारिक रूप से उनसे कोई संपर्क नहीं किया है। वे लोग आपस में राय कर रहे हैं और जल्द ही इस पर पार्टी की बैठक होगी। राजद: प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह यादव ने कहा कि राजद गठबंधन का प्रमुख हिस्सा है, मगर अब तक न तो कांग्रेस ने और न ही झामुमो ने उनसे कोई संपर्क किया है। पार्टी नेतृत्व का जो भी निर्देश होगा, उसका पालन किया जाएगा।
रास चुनाव में रार: झामुमो बोला-‘एकतरफा प्यार’कब तक? दोनों सीटों पर ठोंका दावा
राज्यसभा की दो सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर महागठबंधन के दो प्रमुख घटक दलों—झामुमो (JMM) और कांग्रेस में तनातनी बेहद बढ़ गई है। गुरुवार रात कांग्रेस द्वारा अपने प्रत्याशी की घोषणा किए जाने के बाद, शुक्रवार को झामुमो विधायकों ने दोनों ही सीटों पर अपना दावा ठोक दिया। झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने तल्ख तेवर दिखाते हुए कहा कि आखिर यह एकतरफा प्यार कब तक चलेगा। सीएम आवास पर बुलाई गई आपात बैठक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को शुक्रवार को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग और पर्यटन विभाग की समीक्षा बैठकें करनी थीं, लेकिन उपजे राजनीतिक हालात के बाद उन्होंने अपने सभी सरकारी कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया। सीएम ने अपने आवास पर पार्टी विधायकों और वरिष्ठ नेताओं की एक आपात बैठक बुलाई। करीब दो घंटे तक चली इस बैठक में सभी नेताओं ने एक सुर में दोनों सीटों पर झामुमो प्रत्याशी उतारने का सुझाव दिया। साथ ही, केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन को इस पर अंतिम फैसला लेने के लिए अधिकृत कर दिया। दोनों सीटों पर उम्मीदवार कौन होंगे, इसका निर्णय भी अब मुख्यमंत्री ही लेंगे। झामुमो में फिलहाल अंजनी सोरेन, विनोद कुमार पांडेय, फागू बेसरा और प्रणव वर्मा के नामों पर चर्चा चल रही है। कांग्रेस के कदम पर जताई नाराजगी बैठक के बाद मंत्री हफीजुल हसन और योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि हमने अपनी भावनाओं से केंद्रीय अध्यक्ष को अवगत करा दिया है और दोनों सीटों पर प्रत्याशी उतारने की सलाह दी है। वहीं पूर्व मंत्री बैजनाथ राम ने कहा कि कांग्रेस ने पहले कहा था कि मुख्यमंत्री की पसंद का ही प्रत्याशी होगा, लेकिन फिर अचानक अपने स्तर पर प्रत्याशी के नाम की घोषणा कर दी। कांग्रेस के इस कदम पर सभी नेताओं ने कड़ी नाराजगी जताई। हम पूरे त्याग के साथ एकतरफा प्यार करते आ रहे हैं: सुप्रियो झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने गठबंधन के समीकरणों पर बोलते हुए कहा, “महागठबंधन में हम पूरे त्याग के साथ एकतरफा प्यार करते आ रहे हैं। वर्ष 2019 में सिर्फ एक विधायक वाले राजद के सत्यानंद भोक्ता को मंत्री बनाया गया। कांग्रेस को चार मंत्री पद मिले। वर्ष 2024 में भी कांग्रेस को चार मंत्री पद दिए गए। इसके बावजूद इन दोनों दलों ने बिहार विधानसभा चुनाव में हमारे साथ वादाखिलाफी की। पहले राजद ने दरकिनार किया, फिर कांग्रेस ने भी साथ नहीं दिया। असम विधानसभा चुनाव में भी हमें अकेला छोड़ दिया गया।” उन्होंने आगे कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में झामुमो की बदौलत ही कांग्रेस को दोनों सीटें मिली थीं और विधानसभा चुनाव में भी हेमंत सोरेन के नेतृत्व में महागठबंधन को 56 सीटें आईं। इस गणित के हिसाब से दोनों सीटों पर झामुमो का स्वाभाविक दावा बनता है। दूरी पाटने के लिए सीएम से मिलेंगे कांग्रेसी: प्रदीप यादव इधर, कांग्रेस विधायक दल की भी शुक्रवार शाम को बैठक हुई, जिसमें राज्यसभा चुनाव को लेकर रणनीति तय की गई। बैठक के बाद विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा कि झामुमो के साथ जो थोड़ी बहुत दूरी दिख रही है, उसे बातचीत के जरिए दूर करने के लिए कांग्रेस नेता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात करेंगे। दूसरी तरफ, सुप्रियो भट्टाचार्य के बयान पर पलटवार करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि प्रत्याशी की घोषणा से पहले प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू और तेलंगाना के डिप्टी सीएम मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की थी। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी खुद मुख्यमंत्री से बात की थी, जिसके बाद ही प्रत्याशी का एलान किया गया। कमलेश ने भरोसा जताया कि गठबंधन से राज्यसभा चुनाव के लिए दो प्रत्याशी होंगे और दोनों ही जीत दर्ज करेंगे। भाजपा: गौरव वल्लभ हो सकते हैं प्रत्याशी, आज होगी घोषणा भाजपा विधायक दल की भी शुक्रवार को बैठक हुई, जिसमें राज्यसभा चुनाव में जीत की रणनीति तैयार की गई। भाजपा के राज्यसभा प्रत्याशी के रूप में गौरव वल्लभ के नाम की चर्चा दिन भर चलती रही। शनिवार को पार्टी आधिकारिक रूप से अपने प्रत्याशी के नाम की घोषणा करेगी। बैठक के बाद पार्टी के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने कहा कि भाजपा प्रत्याशी उतारेगी और हर हाल में जीतेगी। हम पक्ष और विपक्ष के सभी विधायकों से वोट मांगेंगे। इसके अलावा, भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन भी शनिवार सुबह रांची पहुंच रहे हैं, जिनके स्वागत के लिए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने तैयारियों की समीक्षा की है। माले और राजद बोले: हमसे किसी ने संपर्क नहीं किया भाकपा माले: राज्य सचिव मनोज भक्त ने कहा कि झामुमो या कांग्रेस के किसी नेता ने औपचारिक रूप से उनसे कोई संपर्क नहीं किया है। वे लोग आपस में राय कर रहे हैं और जल्द ही इस पर पार्टी की बैठक होगी। राजद: प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह यादव ने कहा कि राजद गठबंधन का प्रमुख हिस्सा है, मगर अब तक न तो कांग्रेस ने और न ही झामुमो ने उनसे कोई संपर्क किया है। पार्टी नेतृत्व का जो भी निर्देश होगा, उसका पालन किया जाएगा।
