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केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की वित्तीय पारदर्शिता की जिम्मेदारी संभालने वाली इंटरनल ऑडिट पार्टी (आईएपी) में संगठित भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। रैपिड एक्शन फोर्स (रैफ) जमशेदपुर के एक हवलदार से रिश्वत मांगने के आरोप में लेखा अधिकारी सोनू कुमार की गिरफ्तारी के बाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच में ऑडिट टीम के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों की भूमिका सामने आई है। इनके खिलाफ साक्ष्य जुटाए गए हैं और जल्द गिरफ्तारियां हो सकती हैं। नियमों का डर दिखाकर मांगी जाती थी रकम
सीबीआई की तफ्तीश में पता चला है कि ऑडिट टीम के कैंप या बटालियन पहुंचने पर जवानों और कर्मियों को ऑडिट आपत्ति, वेतन विसंगति और विभागीय रिकवरी का डर दिखाया जाता था। इसके बाद आपत्ति हटाने या मामला निपटाने के नाम पर रकम मांगी जाती थी। विभागीय कार्रवाई और वेतन कटौती के डर से जवान शिकायत नहीं करते थे। इसी का फायदा उठाकर यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था। सोनू कुमार की गिरफ्तारी के बाद अब सीबीआई ऑडिट टीम के अन्य पदाधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
लेखा अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद जांच आगे बढ़ी:सीआरपीएफ ऑडिट में घूसखोरी, कई अफसर सीबीआई की नजर में
