Tuesday, May 26, 2026

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विक्रमशिला सेतु पर दूसरा बेली ब्रिज बनकर तैयार:ट्रायल सफल रहने पर जनता के लिए खोला जाएगा, पहले छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू होगी


भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से पर बेली ब्रिज बनाने का काम युद्धस्तर पर जारी है। 18 मीटर लंबे दूसरे स्लैब का काम भी पूरा कर लिया गया। अब इस हिस्से में केवल रैंप तैयार करने का काम बाकी है। बिहार देश का पहला राज्य है जहां टूटे हुए पुल पर बेली ब्रिज का निर्माण हो रहा है। पुल की क्षमता 10 टन भार सहने की होगी सीमा सड़क संगठन(बीआरओ) के एडिशनल डायरेक्टर ने बताया की भागलपुर छोर की ओर 24 मीटर लंबे तीसरे स्पैन पर बेली ब्रिज की लॉन्चिंग का काम शुरू किया जा रहा है। तीनों स्पैन पर निर्माण पूरा होने के बाद ट्रायल रन कराया जाएगा। ट्रायल सफल रहने पर जिला प्रशासन छोटे वाहनों के लिए सेतु को खोल देगा। सुरक्षा को देखते हुए पुल से केवल छोटे वाहनों को गुजरने की अनुमति होगी। डीएम नवल किशोर चौधरी ने बताया कि 5 जून से पहले निर्माण कार्य हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा। यातायात को नियंत्रित रखने के लिए एक समय में एक ही दिशा के वाहनों को पार कराया जाएगा। प्रशासन ने पुल के दोनों छोर पर दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की भी तैयारी शुरू कर दी है। वन-वे व्यवस्था होगा लागू राज्य सरकार ने बीआरओ को अस्थायी बेली ब्रिज निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी। करीब 49 मीटर लंबे इस अस्थायी ढांचे के माध्यम से क्षतिग्रस्त हिस्से को जोड़ा जा रहा है, ताकि छोटे वाहनों की आवाजाही जल्द शुरू हो सके। बेली ब्रिज तैयार होने के बाद प्रारंभिक चरण में छोटे वाहनों का परिचालन शुरू किया जाएगा। इसके लिए विशेष ट्रैफिक प्रबंधन योजना भी तैयार की जा रही है। वन-वे व्यवस्था के तहत नियंत्रित तरीके से वाहनों को पुल पार कराने की योजना बनाई गई है, जिससे सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। बेली ब्रिज से हल्के वाहन ही गुजरेंगे यह सामान्य ब्रिज नहीं है, बल्कि एक क्षतिग्रस्त ब्रिज के ऊपर दूसरा ब्रिज तैयार किया जा रहा है, जिसके लिए विशेष तकनीकी कौशल और सावधानी की जरूरत होती है। ब्रिज पर केवल हल्के वाहन ही चल सकेंगे। चूंकि यह ब्रिज पहले से कमजोर पड़े ढांचे के ऊपर बनाया जा रहा है, इसलिए भारी वाहनों के गुजरने से इसके खिसकने का खतरा बना रहेगा। इसी कारण यहां वाहनों की आवाजाही सीमित रखी जाएगी।
नाव से आना-जाना कर रहे लोग भागलपुर में विक्रमशिला पुर टूटने के बाद प्रशासन ने अस्थायी राहत के तौर पर नाव और स्टीमर सेवा शुरू कराई है। सुबह 5 बजे से शाम 5;30 बजे तक नावें चलाई जा रही हैं। निजी नाव चालकों का रजिस्ट्रेशन किया गया और किराया भी तय किया गया, ताकि यात्रियों से मनमानी वसूली न हो। कई लोग अब बरारी घाट और महादेवपुर घाट के बीच नाव से आवागमन कर रहे हैं। करीब 4.7 किलोमीटर लंबा विक्रमशिला सेतु भागलपुर को नवगछिया और सीमांचल से जोड़ने वाला बिहार का महत्वपूर्ण पुल है। इसका उद्घाटन वर्ष 2001 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने किया था। पुल के निर्माण पर उस समय सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च हुए थे। करीब 25 वर्ष पुराने इस पुल को पहले भी जर्जर बताया जाता रहा था।

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