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बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल ने गुरुवार को सीतामढ़ी के ललित आश्रम स्थित गांधी मैदान में धरना-प्रदर्शन किया। यह राज्यव्यापी कार्यक्रम वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त करने और शिक्षकों के लिए उचित वेतनमान निर्धारित करने की मांगों को लेकर आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में कांग्रेस सेवा दल, यूथ कांग्रेस और विभिन्न शिक्षण संस्थानों से जुड़े लोगों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. संजय यादव ने कहा कि वित्त रहित शिक्षा नीति ने हजारों शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों का भविष्य अनिश्चित बना दिया है। आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी उन्होंने बताया कि वर्षों से सेवा देने के बावजूद उन्हें सम्मानजनक वेतन और आवश्यक सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। डॉ. यादव ने सरकार से इस नीति को तत्काल समाप्त कर शिक्षकों के हित में ठोस निर्णय लेने की अपील की। यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मोहम्मद सम शाहनवाज ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए शिक्षकों का सम्मान और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा के प्रति संवेदनशील नहीं है और वित्त रहित शिक्षण संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों की उपेक्षा कर रही है। शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की मांग शाहनवाज ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। डॉ. राजीव कुमार काजू ने बताया कि वित्त रहित शिक्षण संस्थानों में कार्यरत शिक्षक वर्षों से बहुत कम मानदेय पर काम करने को मजबूर हैं। उन्होंने सरकार से शिक्षकों के लिए स्थायी वेतनमान लागू करने और उनके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की। धरना के दौरान वक्ताओं ने सरकार से वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त करने, शिक्षकों के लिए सम्मानजनक वेतनमान लागू करने और शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की मांग दोहराई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो राज्यव्यापी आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।


