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मुंगेर में आयोजित 2 दिवसीय श्री निवास कल्याणोत्सवम कार्यक्रम भक्ति और उत्साह के बीच संपन्न हो गया। कार्यक्रम के अंतिम दिन पादुका दर्शन आश्रम में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद भगवान तिरुपति बालाजी की उत्सव प्रतिमा को भव्य शोभायात्रा के साथ पोलो मैदान स्थित अस्थायी पंडाल में लाया गया, जहां आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की व्यवस्था की गई। देखें,मौके से आई तस्वीरें… मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए पोलो मैदान में तिरुपति मंदिर से आए आचार्य पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान का विशेष श्रृंगार और पूजा संपन्न कराई। इसके बाद मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। मुंगेर सहित जमुई, खगड़िया, बेगूसराय, भागलपुर, बांका और शेखपुरा समेत आसपास के जिलों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने सुव्यवस्थित कतारों में दर्शन-पूजन किया। भगवान तिरुपति बालाजी की भव्य आरती दर्शन के उपरांत भगवान तिरुपति बालाजी की भव्य आरती की गई और विधि-विधान के साथ उत्सव प्रतिमा को पुनः आश्रम वापस ले जाया गया। गुरुवार सुबह आयोजन समिति और आश्रम परिवार द्वारा तिरुपति से आए आचार्य पंडितों को सम्मानपूर्वक विदाई दी जाएगी। चार बजे पादुका दर्शन आश्रम से शोभायात्रा कार्यक्रम के समापन के अवसर पर बुधवार शाम करीब चार बजे पादुका दर्शन आश्रम से पोलो मैदान तक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान शहर की महिला श्रद्धालुओं ने एक समान परिधान में 69 कलश सिर पर रखकर भागीदारी निभाई, जो आकर्षण का केंद्र रहा। ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच नाचते-गाते श्रद्धालु तिरुपति से विशेष रूप से लाई गई सुसज्जित बस में भगवान की उत्सव प्रतिमा को स्थापित कर शोभायात्रा निकाली गई। ढोल-नगाड़ों की गूंज और “गोविंदा-गोविंदा” के जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु नाचते-गाते हुए शोभायात्रा में शामिल हुए। जिलाधिकारी-पुलिस अधीक्षक मौके पर रहे मौजूद सुरक्षा और व्यवस्था के लिए आयोजन समिति और सशक्त फाउंडेशन के स्वयंसेवकों ने घेरा बनाकर जिम्मेदारी निभाई। जिलाधिकारी निखिल धनराज, पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद और नगर आयुक्त पार्थ गुप्ता समेत प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल पूरे कार्यक्रम के दौरान मुस्तैद रहे। शोभायात्रा से पहले सफाई कर पानी का छिड़काव शोभायात्रा से पहले पूरे मार्ग की सफाई कर पानी का छिड़काव किया गया और गंगाजल से शुद्धिकरण किया गया। रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया। करीब आधा किलोमीटर लंबी यह शोभायात्रा लगभग एक घंटे में कार्यक्रम स्थल तक पहुंची। पूरे आयोजन के दौरान मुंगेर सेवा मंच के सदस्य भी एक समान वेशभूषा में श्रद्धालुओं की सेवा में सक्रिय नजर आए, जिससे कार्यक्रम की भव्यता और अनुशासन दोनों ही देखने को मिला।

