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लोहरदगा छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य प्रदेश समेत गुमला, सिमडेगा आदि क्षेत्रों से पलामू, गढ़वा, बिहार और उत्तर प्रदेश की ओर आवागमन के लिए लोहरदगा शहर के शंख नदी मोड़ से हेसल, चापी, चंदवा होते हुए लुकइया मोड़ तक जाने वाला मार्ग काफी महत्वपूर्ण है। इस सड़क के निर्माण से यात्रियों के साथ-साथ हल्के एवं भारी वाहनों को भी आवागमन में सुविधा मिली है। वहीं, हिंडाल्को के बॉक्साइट से जुड़े हजारों ट्रकों के हेसल डंपिंग यार्ड में अनलोडिंग के लिए आने-जाने में भी यह मार्ग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस मार्ग के बन जाने से आम लोगों को दूरी, समय और ईंधन की बचत होती है। लेकिन बिरसा चौक-शंख नदी मोड़ स्थित रेलवे अंडरपास की बदहाल स्थिति अब इस सुविधा पर भारी पड़ रही है। अंडरपास की सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी और कीचड़ जमा होने से राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, गड्ढों के कारण आए दिन वाहनों के कल-पुर्जे क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति और भी जोखिमपूर्ण बनी हुई है। वहीं, अंडरपास से होकर शिक्षालय जाने वाले विद्यार्थियों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। वाहनों के गुजरने से कीचड़ उछलकर विद्यार्थियों की पाठ्य-पुस्तकों और स्कूल ड्रेस को गंदा कर देता है। इससे विद्यार्थियों को प्रतिदिन असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। बदहाल सड़क के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है और आए दिन लोग दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। ऐसे में इस महत्वपूर्ण मार्ग के अंडरपास की तत्काल मरम्मत और सुदृढ़ीकरण की जरूरत महसूस की जा रही है। पूर्व सड़क सुरक्षा समिति सदस्य संजय बर्म्मन ने जिला प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह मार्ग कई क्षेत्रों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क पथ है। इसलिए अंडरपास में बने गड्ढों की शीघ्र मरम्मत कर सड़क को सुदृढ़ किया जाना चाहिए, ताकि आमजनों, विद्यार्थियों और वाहन चालकों को राहत मिल सके तथा दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लगाया जा सके। शंख नदी मोड़ रेलवे अंडरपास के नीचे जर्जर सड़क और जमा हुआ पानी की तस्वीर।
शंख नदी मोड़ रेलवे अंडरपास में गड्ढों से बढ़ी परेशानी, ठीक कराने की मांग
