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मुजफ्फरपुर में शादी तय होने के बाद एक महिला डॉक्टर को कथित तौर पर परेशान करने, उसका पीछा करने और तस्वीरों को एडिट कर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने का मामला सामने आया है। महिला डॉक्टर ने अपने एमबीबीएस के पूर्व सहपाठी डॉ. अजय कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोप है कि शादी तय होने के बाद सहपाठी ने पहले शादी रुकवाने की कोशिश की और बाद में उसकी तस्वीरों को कथित तौर पर Photoshop और एआई की मदद से मॉर्फ कर आपत्तिजनक रूप में तैयार कर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने का प्रयास किया। महिला डॉक्टर ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले भी शिकायत की गई थी। उस समय पुलिस की कार्रवाई के बाद आरोपी ने थाने पहुंचकर बयान दिया था कि वह भविष्य में महिला डॉक्टर और उसके परिवार के किसी सदस्य से संपर्क नहीं करेगा। इसके बावजूद कुछ समय बाद उसने फिर से मैसेज और कॉल कर परेशान करना शुरू कर दिया। शादी नहीं होने देने और वैवाहिक जीवन खराब करने की धमकी का आरोप महिला डॉक्टर के अनुसार, जैसे ही उसके शादी तय होने की जानकारी पूर्व सहपाठी को मिली, उसने कथित तौर पर शादी में बाधा डालने की कोशिश शुरू कर दी। परिवार की ओर से विरोध किए जाने पर आरोपित ने शादी नहीं होने देने और शादी हो भी जाने पर वैवाहिक जीवन नहीं चलने देने की धमकी दी। पीड़िता का आरोप है कि पुलिस के समक्ष संपर्क नहीं करने का आश्वासन देने के बावजूद आरोपी का व्यवहार नहीं बदला और उसने दूसरे माध्यमों से संपर्क कर परेशान करना शुरू कर दिया। AI से फोटो एडिट कर आपत्तिजनक बनाने का आरोप प्राथमिकी में महिला डॉक्टर ने आरोप लगाया है कि उसकी तस्वीरों को कथित तौर पर AI और फोटो एडिटिंग तकनीक के जरिए मॉर्फ कर आपत्तिजनक और अश्लील रूप दिया गया। इसके बाद फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट के माध्यम से इन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने का प्रयास किया गया। महिला डॉक्टर ने शिकायत में दो इंस्टाग्राम आईडी का उल्लेख किया है। उसने पुलिस को कथित तौर पर मॉर्फ की गई तस्वीरें, सोशल मीडिया के स्क्रीनशॉट और अन्य डिजिटल साक्ष्य उपलब्ध कराने की बात कही है। पति और ससुराल वालों को भी फोन कर बदनाम करने का आरोप पीड़िता ने आरोप लगाया कि अलग-अलग ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबरों से लगातार मैसेज और कॉल किए जा रहे हैं। शिकायत के अनुसार, उसके पति और ससुराल पक्ष के लोगों से भी संपर्क कर उसके बारे में गलत जानकारी दी गई और कथित आपत्तिजनक तस्वीरें दिखाकर उसे बदनाम करने की कोशिश की गई। महिला डॉक्टर ने यह भी आरोप लगाया कि अज्ञात नंबरों से धमकी भरे फोन किए जा रहे हैं। कॉलेज परिसर में भी उसका पीछा कर उसके बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया। लगातार हो रही इन घटनाओं से वह और उसका परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। साइबर पुलिस से कार्रवाई और सुरक्षा की मांग महिला डॉक्टर ने साइबर थाने की पुलिस से आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने, कथित तौर पर मॉर्फ की गई तस्वीरों के प्रसार को रोकने, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट की जांच करने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। पुलिस को दिए आवेदन में मैसेज, कॉल, ई-मेल, सोशल मीडिया स्क्रीनशॉट और कथित मॉर्फ तस्वीरों को साक्ष्य के रूप में उपलब्ध कराने की बात कही गई है। अब साइबर पुलिस डिजिटल साक्ष्यों और सोशल मीडिया खातों की जांच कर मामले में आगे की कार्रवाई करेगी।
‘शादी नहीं होने दूंगा, हुई तो घर नहीं बसने दूंगा’:रिश्ता तय होते ही सहपाठी कर रहा परेशान, महिला डॉक्टर की शिकायत पर साइबर थाने में केस

