बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश कुमार तिवारी ने शुक्रवार शाम बांका जिले के बेलहर प्रखंड कार्यालय सभागार में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक से पहले उन्होंने बेलहर के 52 और कटोरिया के 4 विद्यालयों में ध्वनि आधारित स्मार्ट क्लास का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मंत्री और स्थानीय विधायक ने पौधारोपण भी किया। समीक्षा बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री ने उपस्थित अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया। उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) से उनके कार्यकाल के पांच प्रमुख कार्यों और पांच ऐसे कार्यों की जानकारी मांगी, जो प्रयासों के बावजूद पूरे नहीं हो सके। साथ ही, सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (डीपीओ) से शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए एक-एक सुझाव देने को कहा। भवन निर्माण की जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश मंत्री ने शिक्षक-अभिभावक बैठक को शिक्षा सुधार का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए इस पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बिहार राज्य शैक्षिक आधारभूत संरचना विकास निगम (बीएसईआईडीसी) के अभियंताओं को निर्देश दिया कि वे विद्यालय भवन निर्माण की गुणवत्ता की जांच कर रिपोर्ट जिला शिक्षा पदाधिकारी को सौंपें । उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मियों से ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया। बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि पदभार ग्रहण करने के बाद वे शिक्षा व्यवस्था को छात्र, अभिभावक, शिक्षक और मंत्री—इन चारों दृष्टिकोण से समझने का प्रयास कर रहे हैं । उन्होंने बताया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए तेज-तर्रार और योग्य शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी, जिसके लिए अभ्यर्थियों को दो स्तर की परीक्षा से गुजरना होगा। एक लाख शिक्षकों की नियुक्ति की योजना मंत्री मिथिलेश कुमार तिवारी ने घोषणा की कि एक माह के भीतर शिक्षकों की कमी दूर करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे और लगभग एक लाख शिक्षकों की नियुक्ति की योजना है। उन्होंने यह भी बताया कि बंद पड़े संस्कृत विद्यालयों को गुरुकुलम विद्यापीठ की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, जबकि सिमुलतला आवासीय विद्यालय जैसी गुरु-शिष्य परंपरा को अन्य विद्यालयों में भी लागू करने पर विचार किया जा रहा है । नया विकल्प लाने पर विचार जारी शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि शिक्षा विभाग में ‘फेल’ शब्द के स्थान पर नया विकल्प लाने पर विचार चल रहा है, जिससे विद्यार्थियों में नकारात्मकता कम हो और आत्महत्या जैसी घटनाओं पर रोक लग सके। उन्होंने बिहार की गौरवशाली ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए नालंदा विश्वविद्यालय, विक्रमशिला विश्वविद्यालय और तक्षशिला की विरासत को पुनर्स्थापित करने की आवश्यकता बताई।
बैठक में बेलहर विधायक मनोज यादव, जिला भाजपा अध्यक्ष विक्की मिश्रा, सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी एवं शिक्षा विभाग के अन्य कर्मी उपस्थित रहे।
