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शिवहर ट्रक एसोसिएशन की बैठक में बालू और गिट्टी की बिक्री सीएफटी के बजाय टन के हिसाब से करने का निर्णय लिए जाने के बाद इसका सीधा असर निर्माण कार्य कराने वाले आम लोगों पर पड़ने की संभावना है। एसोसिएशन ने अलग-अलग दूरी और ट्रक के आकार के अनुसार बालू-गिट्टी की दरें भी निर्धारित की हैं। 2600 रुपये प्रति टन की दर से बिक्री करने की बात बैठक में 12 से 14 चक्का ट्रक पर बालू की बिक्री 1300 रुपये प्रति टन, जबकि 16 से 18 चक्का ट्रक पर 1200 रुपये प्रति टन करने की बात कही गई। बेलवा-दोस्तियां तक बालू की दर 1400 रुपये प्रति टन निर्धारित करने का निर्णय लिया गया। वहीं, नरवारा से शिवहर तक गिट्टी 2500 रुपये प्रति टन और बसंतपट्टी तक 2600 रुपये प्रति टन की दर से बिक्री करने की बात कही गई। निर्माण सामग्री की बढ़ सकती है कुल लागत एसोसिएशन का कहना है कि ट्रक मालिकों को बालू और गिट्टी टन के हिसाब से मिलती है, इसलिए बिक्री भी टन के आधार पर होनी चाहिए। अब सीएफटी से नापी नहीं करने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले का असर मकान निर्माण कराने वाले लोगों पर पड़ सकता है। बालू और गिट्टी की खरीद की व्यवस्था बदलने के साथ-साथ यदि परिवहन और बाजार दरों में भी बढ़ोतरी होती है, तो निर्माण सामग्री की कुल लागत बढ़ सकती है। नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने का भी निर्णय इससे मकान, दुकान अथवा अन्य निर्माण कार्य करा रहे लोगों का बजट प्रभावित होने की संभावना है। हालांकि, आम उपभोक्ताओं पर वास्तविक आर्थिक असर स्थानीय बाजार में लागू होने वाली अंतिम दर और सप्लाई व्यवस्था पर निर्भर करेगा। एसोसिएशन ने नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने का भी निर्णय लिया है। ट्रक मालिक या सप्लायर द्वारा नियम तोड़ने पर 11 हजार रुपये, जबकि ड्राइवर की गलती पर 3 हजार रुपये जुर्माना लेने की बात कही गई। बैठक में विकास सिंह तरियानी छपरा, गुड्डू सिंह बेनीपुर, नवीन चौधरी नरवारा, रमेश रंजन सिंह बेरिया, रामबालक साह अंबा, सुजीत चौधरी अटकोनी, शिवम कुमार पासवान, शंभू साहनी नरवारा, नितेश कुमार भारती परसौनी, उमेश चौधरी परसौनी, मुकेश गुप्ता दोस्तियां, परमिंदर कुमार यादव अंबा और नितेश कुमार गुप्ता लक्ष्मीपुर सहित अन्य ट्रक मालिक मौजूद रहे।
शिवहर में अब टन के हिसाब से बिकेगी बालू-गिट्टी:ट्रक एसोसिएशन का फैसला, निर्माण कार्य कराने वालों पर पड़ेगा असर
