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शेखपुरा। जिला पदाधिकारी शेखर आनंद गुरुवार को चेवाड़ा प्रखंड की चकंद्रा पंचायत स्थित रविदास टोला पहुंचे। उनका उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान करना था। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ दोनों टोलों के प्रत्येक घर का दौरा किया और डोर-टू-डोर सर्वे कर मूलभूत समस्याओं की पहचान करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि रविदास टोला के अधिकांश लोग रोजगार के लिए ईंट-भट्ठों पर काम करने बाहर चले जाते हैं। इस पर डीएम ने चिंता व्यक्त की और ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उन्हें ईंट-भट्ठों पर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। जिला प्रशासन स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगा, जिससे बच्चों को यहीं रहकर अच्छी शिक्षा मिल सके। डीएम ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए
स्वरोजगार और स्थानीय आजीविका को बढ़ावा देने के लिए डीएम ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। इनमें ग्रामीणों के लिए कृषि फार्म खुलवाना और नई दुकानें स्थापित कराना शामिल है। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें जीविका समूह से जोड़ने तथा महिलाओं और युवतियों के लिए सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण केंद्र शुरू करने के आदेश दिए गए। बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए मोबाइल फोन उपलब्ध कराने या बनवाने की उचित व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया गया। डीएम के समक्ष अपनी आकांक्षाएं और मांगें भी रखीं
गाँव के भौतिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए। इसमें पूरे टोले में पक्की नाली और गली का शीघ्र निर्माण, जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाना, तथा नए राशन कार्ड बनाने और छूटे हुए सदस्यों के नाम जोड़ने के लिए त्वरित कार्रवाई करना शामिल है। डीएम ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ पहुंचाने के लिए गांव में सहयोग शिविर आयोजित किए जाएं और उनका व्यापक प्रचार-प्रसार हो। दौरे के दौरान स्थानीय युवाओं और बच्चियों ने डीएम के समक्ष अपनी आकांक्षाएं और मांगें भी रखीं। इस निरीक्षण और संवाद कार्यक्रम में जिला प्रशासन और प्रखंड स्तर के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।


