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भास्कर न्यूज| नोवामुंडी नोवामुंडी के संग्रामसाई कैंप में इस वर्ष आयोजित होने वाले दुर्गोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। आजादी से ठीक पहले वर्ष 1946 से शुरू हुई यह ऐतिहासिक पूजा इस बार अपने 80वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। आयोजन को भव्यता देने के लिए कोलकाता के प्रसिद्ध दक्षिणेश्वर मंदिर की तर्ज पर आकर्षक पूजा पंडाल तैयार किया जा रहा है। पूजा कमेटी के अध्यक्ष साधु सिंह ने बताया कि दक्षिणेश्वर मंदिर का प्रारूप देने के लिए बंगाल से 20 विशेष कारीगर बुलाए गए हैं, जो पिछले एक महीने से पंडाल निर्माण में लगे हैं। इसके साथ ही प्रतिमा निर्माण की जिम्मेदारी भी बंगाल के मूर्तिकारों को सौंपी गई है। पूरे क्षेत्र को जगमगाने के लिए भव्य प्रवेश द्वार, तोरण द्वार और आकर्षक विद्युत सज्जा की योजना बनाई गई है। पंडाल और सजावट में कुल 3 से 5 लाख रुपए की लागत आने का अनुमान है। देश की आजादी से ठीक एक साल पहले संग्रामसाई में दुर्गा पूजा की शुरुआत हुई थी। वर्ष 1946 में प्रकाश भट्टाचार्य और नीतू बॉस के प्रयास से हुई थी। उस समय खनन कंपनी के कर्मचारियों से चंदा जुटाकर पूजा आयोजित की जाती थी, जो आज विस्तृत रूप ले चुकी है। इस बार 16 अक्टूबर को षष्ठी पूजा के साथ दुर्गोत्सव का शुभारंभ होगा, जबकि 21 अक्टूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी। थीम : कोलकाता का प्रसिद्ध दक्षिणेश्वर मंदिर लागत : करीब 3 से 5 लाख रुपए (पंडाल व विद्युत सज्जा) कारीगर : बंगाल से आए 20 कारीगर और मूर्तिकार तिथियां : 16 अक्टूबर (षष्ठी) से 21 अक्टूबर (विजयादशमी)
संग्रामसाई पंडाल में दिखेगी कोलकाता के दक्षिणेश्वर मंदिर की झलक
