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केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने आंगनबाड़ी केंद्रों की दशा सुधारने और उनके बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की पहल की है। केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) के सीएसआर फंड से झारखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों को संवारने का निर्णय लिया गया है। मंत्रालय की पहल के बाद केंद्रीय वित्त मंत्रालय के सार्वजनिक उद्यम विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 और 2027-28 के लिए गाइडलाइन जारी की है। इसमें बताया गया है कि आंगनबाड़ी केंद्रों को सशक्त करने के लिए क्या-क्या करना होगा। गाइडलाइन में बताया गया है कि आंगनवाड़ी केंद्रों के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के लिए केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसईएस) के कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) फंड को खर्च किया जाएगा। झारखंड सरकार को केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के साथ मिलकर काम करने के निर्देश दिया गया है। इसके बाद राज्य सरकार इस दिशा में सक्रिय हुई है। इस विषय में विभिन्न पीएसयू से पत्राचार किया जा रहा है। इस पहल के तहत महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की मुख्य थीम “पोषण – आंगनवाड़ी बुनियादी ढांचा सुदृढ़ीकरण” को प्रमुखता दी गई है। इसके अलावा खेल विकास और इनोवेटिव आजीविका संवर्धन को भी प्राथमिकता में शामिल किया गया है। अभी 16,775 आंगनबाड़ी केंद्रों को सक्षम बनाया जा रहा
झारखंड की 38,806 आंगनबाड़ी केंद्रों में से अभी 16,775 आंगनबाड़ी केंद्रों को सक्षम बनाने की प्रक्रिया चल रही है। इन केंद्रों के विकास के लिए पीएसयू के सीएसआर फंड का इस्तेमाल नहीं होगा। 15वें वित्त आयोग से मिले पैसे के आधार पर इन्हें सक्षम बनाने की योजना पर काम चल रहा है। शुद्ध पेयजल के लिए 6599 आंगनबाड़ी केंद्रों में आरओ लगाया गया है। इन सभी केंद्रों में एलईडी टीवी लगाया जाएगा। सभी केंद्रों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था करनी है। बच्चों के खेलने के लिए विभिन्न प्रकार के खेल सामग्रियों की खरीद करनी है। केंद्र ने दिया झारखंड सरकार को निर्देश
केंद्र सरकार ने झारखंड सरकार को निर्देश दिया है कि वे केंद्रीय पीएसयू के साथ सक्रिय रूप से जुड़ें और इन प्राथमिकताओं के आधार पर सीएसआर परियोजनाओं की पहचान कर उन्हें धरातल पर उतारें। साथ ही, सभी प्रशासनिक मंत्रालयों को अपने नियंत्रण वाले केंद्रीय पीएसयू से भी इन दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराने को कहा गया है। बुनियादी ढांचे का कायाकल्प- हाईटेक और सुरक्षित होंगे आंगनबाड़ी केंद्र
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय से स्वीकृत इस थीम का उद्देश्य ‘मिशन सक्षम आंगनबाड़ी’ और ‘पोषण 2.0’ को मजबूती देना है। इसके तहत निम्नलिखित सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
स्मार्ट लर्निंग : शुरुआती बाल्यावस्था शिक्षा के लिए आंगनबाड़ियों में स्मार्ट टीवी और बाल-अनुकूल फर्नीचर लगाए जाएंगे।
मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर : आंगनवाड़ी भवनों का नया निर्माण, सुरक्षा के लिए चारदीवारी का निर्माण।
मूलभूत सुविधाएं : बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित शौचालय और शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था।
खेलकूद : सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में खेल पर भी विशेष फोकस रखने को कहा गया है। इसके लिए खेल के सामान उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
संवरेंगे झारखंड के आंगनबाड़ी केंद्र:केंद्रीय सार्वजनिक उद्यम विभाग ने वित्त वर्ष 2026-27 और 2027-28 के लिए जारी की गाइडलाइन
