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समस्तीपुर शहर की लाइफ लाइन ओवर ब्रिज निर्धारित टाइम लाइन से पहले शुरू होगा। पुल मरम्मत का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। सड़क निर्माण का कार्य अंतिम चरण में है। दो भागों में बंटे शहर को एक करने वाले इस पुल पर आवागमन बंद होने से लोग परेशान हैं। रूट डायवर्ट होने से वाहन चालकों को कई किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। 7 जुलाई से इस पुल को मरम्मत कार्य के लिए बंद कर दिया गया है। निरीक्षण के बाद पुल खोला जाएगा पुल निर्माण कार्य से जुड़े अभियंताओं का कहना है कि पुराने 17 एक्सपेंशन जॉइंट बदलने का कार्य पूरा हो चुका है। एक्सपेंशन जॉइंट की वेयरिंग खराब हो गई थी। जिस कारण उसकी लचक खत्म हो रही थी। इसे बदल दिया गया है। नई डामर (बिटुमिनस) सड़क बिछा दी गई है। पुल के क्षतिग्रस्त कंक्रीट हिस्सों की मरम्मत भी पूरी कर ली गई है। इसके अलावा रेलिंग, पैरापेट और पानी निकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया गया है। अंतिम चरण में मार्किंग, सफाई और सुरक्षा निरीक्षण का काम किया जा रहा है। पुल को खोलने से पहले रेलवे और संबंधित इंजीनियरिंग एजेंसियां संयुक्त रूप से अंतिम निरीक्षण करेंगी। अगर अंतिम निरीक्षण में कोई तकनीकी कमी नहीं मिलती है, तो पुल को बहुत जल्द आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि अगले दो तीन दिनों के अंदर रेलवे के इंजीनियर और संबंधित एजेंसी निरीक्षण कर सकती है। जिसके बाद पुल आम लोगों के लिए खोला जाएगा। सदर एसडीओ राकेश कुमार ने बताया कि पुल के फिनिसिंग का कार्य चल रहा है। निर्धारित समय से पहले पुल चालू होने की उम्मीद है। 56 साल में पहली बार एक्सपेंशन जॉइंट बदला गया है दो भागों में बंटे शहर को एक करने का एक मात्र यह पुल है। इस पुल का निर्माण करीब 56 वर्ष पहले किया गया था। 56 सालों में पहली बार एक्सपेंशन जॉइंट बदलने का काम किया जा रहा है। कार्य एजेंसी के अभियंताओं का कहना है कि एक्सपेंशन जॉइंट बदले जाने के बाद पुल अगले 50 सालों के लिए मजबूत बन गया है। भारी वाहनों के आवामन में परेशानी नहीं होगी। 15 अगस्त तक कार्य पूरा करने का था टारगेट जिला प्रशासन ने अगामी 15 अगस्त तक पुल मरम्मत कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया था। इस कार्य को समय सीमा के अंदर पूरा करने के लिए तीन शिफ्टों में कार्य कराया गया।

