ट्रेजरी घोटाले की अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने जांच तेज कर दी है। सीआईडी अब रांची, देवघर और रामगढ़ में दर्ज मामलों को अपने हाथ में लेने की तैयारी में है। इन तीन मामलों के जुड़ने के बाद जांच का दायरा करीब 52 करोड़ रुपए की अवैध निकासी तक पहुंच जाएगा। नए मामलों के शामिल होने के बाद इस चर्चित ट्रेजरी घोटाले में सीआईडी के पास दर्ज मामलों की संख्या बढ़कर छह हो जाएगी। इससे पहले बोकारो, हजारीबाग और चाईबासा में पुलिस अधीक्षक कार्यालयों से जुड़े अवैध निकासी के तीन मामलों की जांच सीआईडी कर रही है। पहले के तीन मामलों में सिपाहियों और अन्य कर्मियों के नाम पर सरकारी राशि की अवैध निकासी किए जाने का आरोप है। वहीं, रांची, देवघर और रामगढ़ के नए मामले अलग-अलग सरकारी विभागों में वेतन एवं अन्य मदों में हेराफेरी से जुड़े हैं। इनमें पशुपालन और स्वास्थ्य विभाग शामिल हैं। रांची में पशु स्वास्थ्य संस्थान में 2.94 करोड़ की हेराफेरी रांची के कोतवाली थाना में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, सदर के कार्यपालक दंडाधिकारी मो. जफर हसनात ने 14 अप्रैल को मामला दर्ज कराया था। यह मामला कांके स्थित पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान से जुड़ा है। आरोप है कि संस्थान के लेखापाल मुनिन्द्र कुमार और कर्मी संजीव कुमार ने कुबेर पोर्टल पर वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के वेतन विपत्रों में छेड़छाड़ की। दोनों ने मूल वेतन राशि में हेरफेर कर निर्धारित सीमा से अधिक राशि अपने निजी बैंक खातों में हस्तांतरित करा ली। जांच में सामने आया कि मुनिन्द्र कुमार ने 1.52 करोड़ रुपए और संजीव कुमार ने 1.41 करोड़ रुपए की अवैध निकासी की। इस तरह कुल 2.94 करोड़ रुपए की हेराफेरी हुई। इस मामले में रांची पुलिस मुनिन्द्र कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि दूसरा आरोपी फरार है।
सरकारी राशि की अवैध निकासी पर शिकंजा:सीआईडी अब रांची, देवघर व रामगढ़ के ट्रेजरी घोटाले की करेगी जांच
ट्रेजरी घोटाले की अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने जांच तेज कर दी है। सीआईडी अब रांची, देवघर और रामगढ़ में दर्ज मामलों को अपने हाथ में लेने की तैयारी में है। इन तीन मामलों के जुड़ने के बाद जांच का दायरा करीब 52 करोड़ रुपए की अवैध निकासी तक पहुंच जाएगा। नए मामलों के शामिल होने के बाद इस चर्चित ट्रेजरी घोटाले में सीआईडी के पास दर्ज मामलों की संख्या बढ़कर छह हो जाएगी। इससे पहले बोकारो, हजारीबाग और चाईबासा में पुलिस अधीक्षक कार्यालयों से जुड़े अवैध निकासी के तीन मामलों की जांच सीआईडी कर रही है। पहले के तीन मामलों में सिपाहियों और अन्य कर्मियों के नाम पर सरकारी राशि की अवैध निकासी किए जाने का आरोप है। वहीं, रांची, देवघर और रामगढ़ के नए मामले अलग-अलग सरकारी विभागों में वेतन एवं अन्य मदों में हेराफेरी से जुड़े हैं। इनमें पशुपालन और स्वास्थ्य विभाग शामिल हैं। रांची में पशु स्वास्थ्य संस्थान में 2.94 करोड़ की हेराफेरी रांची के कोतवाली थाना में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, सदर के कार्यपालक दंडाधिकारी मो. जफर हसनात ने 14 अप्रैल को मामला दर्ज कराया था। यह मामला कांके स्थित पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान से जुड़ा है। आरोप है कि संस्थान के लेखापाल मुनिन्द्र कुमार और कर्मी संजीव कुमार ने कुबेर पोर्टल पर वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के वेतन विपत्रों में छेड़छाड़ की। दोनों ने मूल वेतन राशि में हेरफेर कर निर्धारित सीमा से अधिक राशि अपने निजी बैंक खातों में हस्तांतरित करा ली। जांच में सामने आया कि मुनिन्द्र कुमार ने 1.52 करोड़ रुपए और संजीव कुमार ने 1.41 करोड़ रुपए की अवैध निकासी की। इस तरह कुल 2.94 करोड़ रुपए की हेराफेरी हुई। इस मामले में रांची पुलिस मुनिन्द्र कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि दूसरा आरोपी फरार है।

