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सहरसा सदर अस्पताल में खराब स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी को लेकर सहरसा के विधायक ई० इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता ने गुरुवार को सूबे के स्वास्थ्य मंत्री निशांत से मुलाकात की। विधायक ने मंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें अस्पताल की बदहाल स्थिति का जिक्र था। उन्होंने मंत्री से इन समस्याओं के प्राथमिकता के आधार पर समाधान की मांग की। इसको लेकर आईपी गुप्ता ने गुरुवार की रात 8:00 बजे प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मीडिया को जानकारी दी। मुलाकात के दौरान विधायक ने अस्पताल की विभिन्न गंभीर समस्याओं को मंत्री के समक्ष उठाया। उन्होंने बताया कि सदर अस्पताल डॉक्टरों, एएनएम और जीएनएम की भारी कमी का सामना कर रहा है। इसके अतिरिक्त, अस्पताल प्रबंधन में खामियां, आउटसोर्सिंग कर्मियों से संबंधित विसंगतियां, एम्बुलेंस चालकों की समस्याएं और रोगी कल्याण समिति की धीमी कार्यप्रणाली जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। विधायक इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता ने अस्पताल के आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 300 बेड वाले इस जिला अस्पताल में कुल 441 पद स्वीकृत हैं। हालांकि, वर्तमान में डॉक्टरों सहित मात्र 131 कर्मी ही कार्यरत हैं। अस्पताल में कुल 311 पद खाली पड़े हैं, जिसके कारण मरीजों को इलाज में कठिनाई होती है और मौजूदा डॉक्टरों पर काम का अत्यधिक दबाव है। चर्चा के दौरान विधायक ने पूर्व में स्वीकृत सहरसा मेडिकल कॉलेज की स्थापना को सदर अस्पताल परिसर से ही जल्द शुरू करने का भी आग्रह किया। उनका तर्क था कि इससे समय और सरकारी राजस्व की बचत होगी। स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने विधायक द्वारा सौंपे गए ज्ञापन पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सहरसा की इन समस्याओं को प्राथमिकता दी जाएगी और रिक्त पदों को भरने तथा अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए जल्द आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
