खगड़िया लोकसभा क्षेत्र के सांसद राजेश वर्मा ने एक नई सामाजिक पहल की घोषणा की है। इसके तहत वे अपने लोकसभा क्षेत्र की हर वर्ष 52 जरूरतमंद बेटियों का सम्मानपूर्वक विवाह कराएंगे। इस अभियान को उन्होंने ‘हमारी बहना’ नाम दिया है। सांसद राजेश वर्मा ने इस पहल की शुरुआत करते हुए कहा कि समाज में कई ऐसे परिवार हैं जो आर्थिक तंगी के कारण अपनी बेटियों की शादी को लेकर दबाव में रहते हैं। उन्होंने कहा कि वे इस जिम्मेदारी को सिर्फ एक जनप्रतिनिधि के तौर पर नहीं, बल्कि एक भाई के रूप में निभाना चाहते हैं। बेटियों की शादी को लेकर परेशान रहता है परिवार वर्मा ने कहा, “मेरे लोकसभा क्षेत्र की हर बेटी मेरी बहन की तरह है। कई परिवार आर्थिक अभाव के कारण अपनी बेटियों की शादी को लेकर परेशान रहते हैं। मेरा प्रयास रहेगा कि किसी भी बेटी का विवाह केवल पैसे की कमी के कारण न रुके।” ‘हमारी बहना’ अभियान के तहत, सांसद ने हर वर्ष 52 जरूरतमंद बेटियों का सामूहिक और सम्मानजनक विवाह कराने का लक्ष्य रखा है। इन विवाहों में होने वाले सभी आवश्यक खर्चों की जिम्मेदारी सांसद स्वयं उठाएंगे। सम्मान और जिम्मेदारी की भावना होगी मजबूत इस पहल का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहारा देना, बेटियों के सम्मान को बढ़ाना और समाज में सकारात्मक संदेश देना है। सांसद ने कहा कि यह अभियान केवल विवाह तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके माध्यम से समाज में बेटियों के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत होगी। अपने संबोधन में सांसद ने महिला सशक्तिकरण को किसी भी समाज और राष्ट्र के समग्र विकास की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं, इसलिए समाज का दायित्व है कि उन्हें सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर प्रदान किए जाएं।
सांसद राजेश वर्मा हर साल 52 बेटियों की कराएंगे शादी:बोले-'सांसद नहीं, भाई बनकर निभाऊंगा फर्ज', जरूरतमंद परिवारों की होगी मदद
खगड़िया लोकसभा क्षेत्र के सांसद राजेश वर्मा ने एक नई सामाजिक पहल की घोषणा की है। इसके तहत वे अपने लोकसभा क्षेत्र की हर वर्ष 52 जरूरतमंद बेटियों का सम्मानपूर्वक विवाह कराएंगे। इस अभियान को उन्होंने ‘हमारी बहना’ नाम दिया है। सांसद राजेश वर्मा ने इस पहल की शुरुआत करते हुए कहा कि समाज में कई ऐसे परिवार हैं जो आर्थिक तंगी के कारण अपनी बेटियों की शादी को लेकर दबाव में रहते हैं। उन्होंने कहा कि वे इस जिम्मेदारी को सिर्फ एक जनप्रतिनिधि के तौर पर नहीं, बल्कि एक भाई के रूप में निभाना चाहते हैं। बेटियों की शादी को लेकर परेशान रहता है परिवार वर्मा ने कहा, “मेरे लोकसभा क्षेत्र की हर बेटी मेरी बहन की तरह है। कई परिवार आर्थिक अभाव के कारण अपनी बेटियों की शादी को लेकर परेशान रहते हैं। मेरा प्रयास रहेगा कि किसी भी बेटी का विवाह केवल पैसे की कमी के कारण न रुके।” ‘हमारी बहना’ अभियान के तहत, सांसद ने हर वर्ष 52 जरूरतमंद बेटियों का सामूहिक और सम्मानजनक विवाह कराने का लक्ष्य रखा है। इन विवाहों में होने वाले सभी आवश्यक खर्चों की जिम्मेदारी सांसद स्वयं उठाएंगे। सम्मान और जिम्मेदारी की भावना होगी मजबूत इस पहल का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहारा देना, बेटियों के सम्मान को बढ़ाना और समाज में सकारात्मक संदेश देना है। सांसद ने कहा कि यह अभियान केवल विवाह तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके माध्यम से समाज में बेटियों के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत होगी। अपने संबोधन में सांसद ने महिला सशक्तिकरण को किसी भी समाज और राष्ट्र के समग्र विकास की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं, इसलिए समाज का दायित्व है कि उन्हें सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर प्रदान किए जाएं।


