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जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में गड़बड़ी की जांच कर रही सीआईडी ने अब सफल अभ्यर्थियों के साथ उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों की भी जांच शुरू कर दी है। सीआईडी को इनपुट मिला है कि कई अभ्यर्थियों ने सिंडिकेट को एडवांस और रिजल्ट के बाद की रकम चुकाने के लिए अपनी जमीन औने-पौने दामों में बेची या फिर बड़ा लोन दिया। ऐसे में जांच एजेंसी अब अभ्यर्थियों के साथ उनके माता-पिता और भाई के खातों को भी खंगालना शुरू कर दिया है। परीक्षा से तीन महीने पहले और तीन महीने बाद उनके खातों में जमा या ट्रांसफर हुई बड़ी रकम, संदिग्ध आरटीजीएस/एनईएफटी और असामान्य नकद निकासी पर पूरी तरह नजर रख रही है। जमीन के खरीदार और विक्रेता पर भी सीआईडी की नजर है। ऐसे संदिग्ध अभ्यर्थियों को नोटिस देकर यह साबित करने को कहा जाएगा कि खाते में आई रकम का वैध स्रोत क्या है और जमीन बेचने की नौबत क्यों आई। अबतक 460 से अधिक से हो चुकी है पूछताछ सीआईडी अब तक 460 से अधिक अभ्यर्थियों, दलालों और संदिग्ध सहयोगियों से पूछताछ कर चुकी है। सीआईडी में गठित विशेष कैंप में रोजाना 20 से 25 अभ्यर्थियों को तलब किया जा रहा है, जहां उनसे परीक्षा की तैयारी, कोचिंग, परीक्षा केंद्र तक के सफर और उनके वित्तीय लेन-देन पर सवाल-जवाब किए जा रहे हैं। जांच एजेंसी इस तैयारी में है कि डिजिटल, वित्तीय और फॉरेंसिक सबूतों की ऐसी त्रिस्तरीय चार्जशीट पेश की जाए, जिससे कोई दोषी बच न सके। सिंडिकेट के सदस्यों से कौन-कौन संपर्क में था, हो रहा मिलान सीआईडी परीक्षा से एक महीने पहले, परीक्षा के दिन और परीक्षा खत्म होने के 30 दिन बाद तक का अभ्यर्थियों का पूरा कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और टावर लोकेशन डंप खंगाल रही है। सीआईडी ने पहले से मौजूद पेपर लीक सिंडिकेट, सॉल्वर गैंग और बिचौलियों के मोबाइल नंबरों की एक मास्टर लिस्ट तैयार की है। अब इन सफल अभ्यर्थियों के कॉलिंग नेटवर्क को सिंडिकेट के नंबरों के साथ क्रॉस-मैप किया जा रहा है। यदि किसी अभ्यर्थी का सिंडिकेट के किसी भी सदस्य या उसके सब-एजेंट से इस अवधि में लगातार संपर्क पाया गया, तो उसे सीधे संदिग्ध मानकर साक्ष्य संकलन शुरू किया जा रहा है। जेएसएससी पीजीटी परीक्षा पर भी सवाल 24 में से सिर्फ 6 केंद्रों से चुन लिए 60% अनारक्षित अभ्यर्थी… बोकारो के सेंटर नंबर 102 से 147 पास जेएसएससी की पीजीटी शिक्षक नियुक्ति परीक्षा में भी बड़ी गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। कुल 3120 पदों के लिए 24 केंद्रों पर हुई परीक्षा में अनारक्षित श्रेणी के 804 अभ्यर्थी सफल हुए। इनमें से सिर्फ छह केंद्रों के 479 (करीब 60%) अभ्यर्थी पास हुए। सबसे असामान्य आंकड़ा बोकारो के परीक्षा केंद्र संख्या 102 का है, जहां से 147 अभ्यर्थी पास हुए। वहीं केंद्र संख्या 108 और केंद्र संख्या 123 से भी 69-69 अभ्यर्थी पास हुए। जबकि केंद्र संख्या 103 से 67 और केंद्र संख्या 114 से 64 अभ्यर्थियों का चयन हुआ। इसके विपरीत राज्य के आठ केंद्रों से 215 और शेष 10 केंद्रों से 110 अभ्यर्थी सफल रहे। यही नहीं, भौतिकी विषय में कुल 94 अभ्यर्थी सफल घोषित हुए, जिनमें से 29 अभ्यर्थी अकेले केंद्र संख्या 102 से हैं। इसी तरह जीव विज्ञान में कुल 90 सफल अभ्यर्थियों में से 21 अभ्यर्थी इसी केंद्र 102 से पास हुए हैं। भूगोल विषय में सफल 70 में से 41 अभ्यर्थी बोकारो के दो केंद्रों से पास हुए हैं। हालांकि उपलब्ध केंद्रवार आंकड़ों में इन 41 अभ्यर्थियों का दोनों केंद्रों के बीच अलग-अलग विभाजन स्पष्ट नहीं है। अभय तिवारी ने भी इसी केंद्र से किया था टॉप परीक्षा केंद्र संख्या 102 का नाम सबसे ज्यादा सुर्खियों में इसलिए है, क्योंकि जेपीएससी और अन्य भर्ती परीक्षाओं में सेटिंग सिंडिकेट चलाने के आरोपी अभय तिवारी ने इसी केंद्र पर परीक्षा दी थी। उसने अंग्रेजी विषय की मेरिट में टॉप किया और शिक्षक पद के लिए सफलता हासिल की थी। एक ही केंद्र से भारी तादाद में अभ्यर्थियों का निकलना और सिंडिकेट से जुड़े मुख्य चेहरे का वहीं से टॉपर बनना पूरी चयन प्रक्रिया को संदेह के घेरे में खड़ा कर रहा है।
सीआईडी सभी 1932 सफल अभ्यर्थियों की कर रही स्कैनिंग:अब सफल अभ्यर्थियों व उनके रिश्तेदारों के भी बैंक खातों की जांच

