Thursday, September 10, 2026

Breaking
News

🕒

Latest
Updates

🔔

Stay
Informed

Top 5 This Week

Related Posts

सीएचसी-पीएचसी में नियुक्त होंगे डॉक्टर:झारखंड में दक्षिण भारत से आएंगे 1000 विशेषज्ञ डॉक्टर, खुद चुनेंगे जिला और अस्पताल


3-4 महीने में डॉक्टरों की कमी दूर करने का लक्ष्य झारखंड में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नया नियुक्ति मॉडल तैयार किया है। राज्य में पर्याप्त पीजी और विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने के कारण अब दूसरे राज्यों, खासकर दक्षिण भारत से चिकित्सकों को लाने की तैयारी है। बिडिंग प्रक्रिया के जरिए डॉक्टरों की नियुक्ति होगी। विभाग का लक्ष्य अगले तीन से चार महीने में करीब 1000 डॉक्टरों की कमी को काफी हद तक दूर करना है। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि रांची के बाहर अधिकांश जिलों और खासकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की कमी बड़ी चुनौती है। रांची के डॉक्टर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ज्यादा मानदेय मांगते हैं डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए बिडिंग मॉडल अपनाया जाएगा। डॉक्टर खुद तय कर सकेंगे कि वे किस जिले या अस्पताल में काम करना चाहते हैं। सेवा देने के लिए कितना पैकेज चाहिए। अपर मुख्य सचिव के अनुसार, सभी जिलों के लिए एक मानदेय पर डॉक्टरों की उपलब्धता मुश्किल है। रांची में 50 से 70 हजार रुपए में काम करने को तैयार डॉक्टर दूरदराज के जिलों में ज्यादा मानदेय मांगते हैं। उन्होंने कहा कि कोई डॉक्टर रांची में इस पैकेज पर काम करने को तैयार हो सकता है, लेकिन साहिबगंज जैसे जिले में तीन लाख रुपए में भी काम करने को तैयार नहीं होता। पीजी-विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती कई प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में अभी सेवाएं मुख्य रूप से एमबीबीएस डॉक्टरों के भरोसे चल रही हैं। स्त्री रोग, शिशु रोग, सर्जरी जैसी विशेषज्ञ सेवाओं की जरूरत पड़ने पर मरीजों को जिला अस्पताल या बड़े चिकित्सा संस्थानों में भेजना पड़ता है। नई व्यवस्था में जरूरत के अनुसार पीजी और विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती सीएचसी और पीएचसी तक की जा सकेगी। इससे मरीजों को शुरुआती स्तर पर ही विशेषज्ञ की सलाह और इलाज मिल सकेगा। विभाग का मानना है कि डॉक्टरों के साथ जरूरी उपकरण और संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे। ऑपरेशन और लेप्रोस्कोपी से डायलिसिस तक बढ़ेंगी सेवाएं डॉक्टरों और उपकरणों की उपलब्धता बढ़ने से जिला और निचले स्तर के अस्पतालों में जटिल इलाज की सुविधाएं भी बढ़ेंगी। कई जिला अस्पतालों में ऑपरेशन की सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। विभागीय समीक्षा में कई जगह मोतियाबिंद के फेको ऑपरेशन शुरू होने की बात सामने आई है। लेप्रोस्कोपी और एंडोस्कोपी का भी विस्तार किया जा रहा है। कई सीएचसी में डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। विशेषज्ञ डॉक्टर मिलने से इन सुविधाओं का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा। इससे मरीजों को बड़े शहरों में रेफर करने की जरूरत कम होगी।

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles