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सीतामढ़ी में भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला पदाधिकारी रिची पांडे ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्षों से एक ही कार्यालय या विभाग में जमे अधिकारियों और कर्मियों की सूची तैयार कर ली गई है, जिनका जल्द ही स्थानांतरण किया जाएगा। योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता डीएम पांडे ने कहा, “भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस था, है और आगे भी रहेगा।” उन्होंने जोर दिया कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा बनता है या भ्रष्टाचार में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। हाल के दिनों में भ्रष्टाचार और लापरवाही के कई मामलों में अधिकारियों एवं कर्मियों पर कार्रवाई की गई है। डीसीएलआर कार्यालय में कार्यरत लिपिक आलोक कुमार को निलंबित किया गया है। इसके अतिरिक्त, एक एएनएम को भी निलंबित किया गया है। एक सीडीपीओ के विरुद्ध प्रपत्र ‘क’ गठित किया गया है, जबकि दो अंचल अधिकारियों (सीओ) के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है। जिला प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा डीएम रिची पांडे ने दोहराया कि जिला प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है और भ्रष्टाचार के मामलों में बिना किसी दबाव के कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि जनता के हितों से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था स्थापित करना है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर आम लोगों तक पहुंच सके।

