![]()
सीतामढ़ी जिले में बुधवार को डीएम तनय सुल्तानिया ने कई प्रखंडों का औचक निरीक्षण किया। उनके अचानक पहुंचने से अधिकारियों और कर्मचारियों में हलचल मच गई। डीएम ने रुन्नीसैदपुर, बखरा और नानपुर प्रखंड कार्यालयों का दौरा किया। उन्होंने सरकारी योजनाओं, कार्यालयों की व्यवस्था और आम लोगों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान कई शिकायतें भी सामने आईं। पढ़ाई पर खास ध्यान देने की सलाह बखरा प्रखंड में निरीक्षण के समय डीएम ने एक छोटी बच्ची को कार्यालय परिसर में प्लास्टिक की कुर्सी पर बैठा देखा। डीएम ने बच्ची से उसका नाम पूछा और यह भी जाना कि वह किसके साथ आई है। पता चला कि बच्ची की मां एक महिला पुलिसकर्मी हैं और वे ड्यूटी के दौरान अपनी बेटी को साथ लाई थीं। इस पर डीएम ने महिला पुलिसकर्मी से पूछा कि क्या वह बच्ची को स्कूल भेजती हैं। उन्होंने बच्ची को नियमित रूप से स्कूल भेजने और उसकी पढ़ाई पर खास ध्यान देने की सलाह दी। इसके बाद डीएम ने नानपुर प्रखंड कार्यालय का भी अचानक निरीक्षण किया। यहां लोगों ने जन्म प्रमाण पत्र बनाने में देरी की शिकायत की। कब्जे के कारण लोगों को आने-जाने में दिक्कत उनका कहना था कि आवेदन देने के बाद भी समय पर दस्तावेज नहीं मिल पा रहे हैं। डीएम ने इन शिकायतों को गंभीरता से लिया और संबंधित कर्मचारियों को जरूरी निर्देश दिए। स्थानीय लोगों ने नानपुर के कोयली बाजार को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग भी डीएम के सामने रखी। लोगों ने बताया कि बाजार की जमीन पर जगह-जगह कब्जे के कारण लोगों को आने-जाने में दिक्कत होती है। डीएम तनय सुल्तानिया ने कहा कि सरकार की योजनाएं हर हाल में सभी लोगों तक पहुंचनी चाहिए। यही सरकार का लक्ष्य है और जिला प्रशासन इसे लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वे आम लोगों की समस्याओं को समय पर हल करें और सरकारी सेवाओं को साफ-सुथरा और आसान बनाएं।
सीतामढ़ी DM ने प्रखंड कार्यालयों का सरप्राइज इंस्पेक्शन किया:पुलिसकर्मी की बेटी को स्कूल भेजने को कहा, बर्थ सर्टिफिकेट और अतिक्रमण की शिकायतें
