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पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की है। इस दौरान सांसद ने सीमांचल की जर्जर सड़कों और खराब कनेक्टिविटी को लेकर आवाज उठाई है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से बातचीत में पूर्णिया समेत सीमांचल की सड़क से जुड़ी समस्याओं को विस्तार से रखा। कई अहम सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्ग में शामिल करने और उनके चौड़ीकरण की मांग करते हुए एक ज्ञापन भी सौंपा। मुलाकात के दौरान पप्पू यादव ने सबसे पहले पूर्णिया-कटिहार राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े महत्वपूर्ण मार्ग का मुद्दा उठाया, जो बेलौरी से मझेली, कदवा और बरसोई होते हुए पश्चिम बंगाल की सीमा तक जाता है। उन्होंने कहा कि ये केवल एक आम रास्ता नहीं है, बल्कि बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच व्यापार, सामाजिक और सांस्कृतिक संबंधों की मजबूत कड़ी है। इसके बावजूद इसकी हालत बेहद खराब है। जिससे रोजाना यात्रा करने वाले लोगों, व्यापारियों और किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क के चौड़ीकरण, मजबूतीकरण की मांग सांसद ने कहा कि सड़क की खराब स्थिति और संकीर्णता के कारण माल ढुलाई महंगी हो जाती है, जिसका सीधा असर किसानों की आमदनी पर पड़ता है। इसके साथ ही उन्होंने पूर्णिया से जनता चौक, श्रीनगर और रानीगंज होते हुए फारबिसगंज तक जाने वाली सड़क को सीमांचल की जीवनरेखा बताया। कहा कि यह मार्ग नेपाल सीमा से जुड़े व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और हजारों लोग रोजाना इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। लेकिन वर्तमान में इसकी स्थिति इतनी खराब है कि बरसात के मौसम में यहां आवाजाही लगभग ठप हो जाती है। इस सड़क के चौड़ीकरण, मजबूतीकरण और जरूरी पुल-पुलियों के निर्माण की मांग रखी, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम यात्रा मिल सके। कुर्सेला से मोहनपुर, रूपौली, भवानीपुर, धमदाहा, बड़हारा, जानकीनगर और चकमाका होते हुए अस्गमा तक जाने वाली सड़क का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि यह मार्ग ग्रामीण इलाकों को जोड़ने वाला मुख्य रास्ता है और लाखों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी इससे जुड़ी हुई है। इसके बावजूद कई जगहों पर सड़क पूरी तरह टूट चुकी है और बारिश के समय हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जिससे आवागमन बाधित हो जाता है। इसका सबसे ज्यादा असर किसानों, छात्रों और मरीजों पर पड़ता है। परियोजना से करीब 5 करोड़ की आबादी को लाभ इसके अलावा पप्पू यादव ने परसरमा से पूर्णिया तक जाने वाली सड़क को भी राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की मांग की। उन्होंने बताया कि यह सड़क लोकहा, तरावे, सिंहेश्वर, रानीपट्टी और खुर्दा चकमका होते हुए एनएच-107 से जुड़ती है। यह इलाका नेपाल, बांग्लादेश और भूटान के नजदीक होने के कारण रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। अगर इस सड़क का विकास होता है तो सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापार को नई गति मिलेगी और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने दावा किया कि इस परियोजना से करीब 5 करोड़ की आबादी को सीधा लाभ मिल सकता है। सांसद ने कुर्सेला से चांदपुर, पोठिया, फलका, मीरगंज, सरसी, रानीगंज होते हुए जोगबनी तक जाने वाले मार्ग का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि इस सड़क के निर्माण और उन्नयन को लेकर पहले सहमति बन चुकी है, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हो पाया है, जिससे लोगों में निराशा है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि इस परियोजना को प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द काम शुरू कराया जाए। पप्पू यादव ने अपने ज्ञापन में साफ तौर पर कहा कि इन सभी परियोजनाओं का उद्देश्य सिर्फ सड़क निर्माण नहीं है, बल्कि सीमांचल और कोसी क्षेत्र के समग्र विकास को गति देना है। बेहतर सड़क संपर्क से न केवल व्यापार और कृषि क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव आएगा। इन सभी जनहित से जुड़ी परियोजनाओं को जल्द स्वीकृति दी जाए और इनके क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए। अगर इन योजनाओं पर जल्द काम शुरू होता है, तो सीमांचल क्षेत्र विकास की मुख्यधारा में तेजी से जुड़ सकेगा और लंबे समय से चली आ रही उपेक्षा भी खत्म होगी।


