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अखिल भारतीय किसान महासभा, सीवान के आह्वान पर 9 अगस्त को साम्राज्यवाद विरोधी दिवस के अवसर पर किसानों और आम जनता के विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध मार्च निकाला गया। गोपालगंज मोड़ से शुरू हुआ मार्च अंबेडकर पार्क होते हुए जेपी चौक पहुंचा, जहां किसान महासभा के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए पुतला दहन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। मार्च का नेतृत्व पूर्व विधायक अमरनाथ यादव ने किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने किसानों की जमीन की रक्षा, कॉरपोरेट भूमि कब्जे पर रोक लगाने और किसान विरोधी नीतियों को वापस लेने की मांग को लेकर आवाज बुलंद की। ”आंदोलन को और मजबूत करने की जरूरत” जेपी चौक पर पुतला दहन के दौरान केंद्र सरकार की कृषि नीतियों के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। पूर्व विधायक अमरनाथ यादव ने कहा कि अखिल भारतीय किसान महासभा ने देशभर के किसानों और आम जनता से 9 अगस्त के साम्राज्यवाद विरोधी दिवस के कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसानों की जमीन और उनकी आजीविका की रक्षा के लिए आंदोलन को और मजबूत करने की जरूरत है। किसान महासभा ने 12 सैटेलाइट टाउनशिप एवं टोपो लैंड के नाम पर कृषि भूमि की लैंड पूलिंग के माध्यम से कॉरपोरेट भूमि हड़पने की योजना को तत्काल वापस लेने की मांग की। संगठन का कहना है कि कृषि भूमि किसानों की आजीविका का मुख्य आधार है। आने वाले दिनों में आंदोलन तेज करने की चेतावनी विकास योजनाओं के नाम पर किसानों की जमीन को कॉरपोरेट हितों के लिए अधिग्रहित या हस्तांतरित करने की किसी भी कोशिश का विरोध किया जाएगा। वहीं, संगठन ने भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौते का भी विरोध किया और इसे किसानों के हितों के खिलाफ बताते हुए रद्द करने की मांग की। किसान महासभा के नेताओं का कहना है कि इस तरह के समझौतों से भारतीय कृषि पर बड़े कॉरपोरेट और विदेशी कृषि व्यापार का दबाव बढ़ सकता है। इसका सबसे अधिक असर छोटे और मझोले किसानों पर पड़ने की आशंका जताई गई। किसान महासभा ने कहा कि जल, जंगल और जमीन के साथ कृषि भूमि तथा किसानों की आजीविका की रक्षा के लिए संघर्ष को आने वाले दिनों में और व्यापक किया जाएगा।

