संजीत गुप्ता | लातेहार पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के घने जंगलों और प्राकृतिक वादियों के बीच स्थित प्रसिद्ध सुगा बांध का दीदार करने आने वाले पर्यटकों को अब प्रकृति के सौंदर्य के साथ झारखंड के शुद्ध पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद भी मिलेगा। लंबे समय से उपेक्षा का शिकार होकर बंद पड़े सुगा बांध के पर्यटक पड़ाव को पुनर्जीवित करने के लिए महुआडांड़ के राजू प्रसाद आगे आए हैं। उनकी इस पहल और इच्छाशक्ति को जिला प्रशासन का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। यह सकारात्मक बदलाव न केवल बंद पड़ी सरकारी संपत्ति को नई पहचान देगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई रफ्तार देगा। इससे न सिर्फ बंद पड़ी संपत्ति को नया जीवन मिलेगा, बल्कि पर्यटकों को माटी का स्वाद भी मिलेगा। दरअसल, सुगा बांध के समीप पर्यटकों की सुविधा के लिए निर्मित पड़ाव परिसर बनने के बाद से ही बेकार पड़ा था। राजू ने इसे सार्वजनिक-निजी सहभागिता की तर्ज पर संचालित करने की जिम्मेदारी उठाने का निर्णय लिया है। उनका मुख्य उद्देश्य पर्यटकों को केवल साधारण भोजन कराना नहीं है। उनका उद्देश्य झारखंड की समृद्ध संस्कृति, आतिथ्य और खान-पान से रूबरू कराना है। सुगा बांध के मनमोहक वातावरण में पर्यटकों को मड़ुआ की रोटी, देहाती साग-सब्जी, धुस्का-पीट्ठा और स्थानीय मसालों से तैयार जैविक पकवान परोसे जाएंगे।
