सुलतानगंज(भागलपुर) से रिपोर्ट
Shravani Mela 2026: सावन शुरू होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है. ऐसे में सुलतानगंज की गलियां, घाट और वह रास्ता भी तेजी से संवरने लगा है, जिस पर हर साल लाखों शिवभक्त ‘बोलबम’ का जयघोष करते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना होते हैं. इस बार प्रशासन किसी भी तरह की चूक नहीं चाहता, इसलिए तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू कर दी गई हैं.
कच्चा कांवरिया पथ से लेकर रेलवे स्टेशन, नमामि गंगे घाट और बिजली व्यवस्था तक हर मोर्चे पर काम चल रहा है. लक्ष्य सिर्फ एक है कि श्रावणी मेला 2026 में आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, साफ-सुथरा और सुविधाजनक माहौल मिल सके.
सबसे पहले बदलेगा कांवरिया पथ का पूरा नजारा
श्रावणी मेला की सबसे बड़ी पहचान कच्चा कांवरिया पथ है. यही वह रास्ता है, जिस पर लाखों श्रद्धालु सुलतानगंज से गंगाजल लेकर पैदल बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा करते हैं. इस बार इस पूरे मार्ग को पहले से अधिक व्यवस्थित बनाने की तैयारी चल रही है.

आरसीडी (पीडब्ल्यूडी) बांका के एसडीओ रामदयाल राम के अनुसार जीरो प्वाइंट से 15 फीट चौड़े कच्चा कांवरिया पथ की सफाई, लेवलिंग और झाड़ियों की कटाई का काम शुरू कर दिया गया है. 15 जुलाई से पूरे मार्ग पर लगभग दो इंच मोटी बालू बिछाई जाएगी, जिसे 25 जुलाई तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके साथ ही डिवाइडरों की सफाई के बाद उनकी रंगाई-पुताई भी होगी.
अतिक्रमण पर होगी सख्ती, रास्ता पूरी तरह कराया जाएगा खाली
हर साल कांवरिया पथ पर अतिक्रमण बड़ी समस्या बनता है. इससे श्रद्धालुओं को चलने में परेशानी होती है और भीड़ बढ़ने पर दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है.
इसी को देखते हुए पथ निर्माण विभाग ने अंचल अधिकारी को पत्र भेजकर सुलतानगंज से दुम्मा तक पूरे 15 फीट चौड़े मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराने का अनुरोध किया है. अधिकारियों का कहना है कि अगले दस दिनों के भीतर सफाई, लेवलिंग और अतिक्रमण हटाने का अधिकांश कार्य पूरा कर लिया जाएगा.
Shravani Mela 2026: रेलवे स्टेशन और घाट भी बन रहे हैं श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए तैयार
सिर्फ सड़क ही नहीं, बल्कि सुलतानगंज रेलवे स्टेशन को भी नए स्वरूप में तैयार किया जा रहा है. स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म, प्रवेश द्वार और यात्री प्रतीक्षालयों की विशेष सफाई कराई जा रही है.
स्टेशन प्रबंधक गिरीश प्रसाद सिंह ने बताया कि प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर 18 और प्लेटफॉर्म संख्या-2 पर 12 डस्टबिन लगाए गए हैं. इन डस्टबिनों में गीले और सूखे कचरे के अलग-अलग संग्रह की व्यवस्था की गई है. यात्रियों और श्रद्धालुओं से भी स्टेशन को स्वच्छ रखने की अपील की गई है.
उधर नमामि गंगे घाट पर भी काम तेजी से चल रहा है. जर्मन हैंगर निर्माण स्थल का समतलीकरण किया जा रहा है, जबकि घाट की सीढ़ियों से गाद हटाकर उन्हें साफ किया जा रहा है. नगर परिषद के ईओ अभिषेक आनंद ने बताया कि घाट को पूरी तरह साफ और सुरक्षित बनाने का अभियान लगातार जारी है.
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बिजली व्यवस्था मजबूत करने पर भी प्रशासन का फोकस
श्रावणी मेला के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में बिजली व्यवस्था सबसे बड़ी चुनौती होती है. इसी वजह से पहले से ही मेंटेनेंस और क्षमता वृद्धि का काम किया जा रहा है.
रविवार को शहर में कई घंटे बिजली आपूर्ति बंद रखकर लाइनों की मरम्मत की गई. बिजली विभाग ने पेड़ों की टहनियों की छंटाई कराई और कृष्णागढ़ के पास क्षमता वृद्धि के लिए नया ट्रांसफॉर्मर भी स्थापित किया. विद्युत एसडीओ रंजीत कुमार ने बताया कि सोमवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक ग्रिड में आवश्यक मेंटेनेंस के कारण सुलतानगंज, शाहकुंड, असरगंज, दीनदयालपुर समेत छह फीडरों की बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी.
श्रावणी मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि लाखों लोगों की आस्था से जुड़ा महापर्व है. ऐसे में प्रशासन की कोशिश है कि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े. आने वाले दिनों में तैयारियां और तेज होने की उम्मीद है.
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