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रांची के निवारणपुर स्थित संघ (आरएसएस) के प्रांतीय कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी अमन अंसारी और सयाम सुजान ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की पूछताछ में बताया है कि यह हमला एक सुनियोजित आतंकी साजिश का हिस्सा था। दोनों आरोपी पाकिस्तान और दुबई में बैठे अपने आकाओं के संपर्क में थे, जो उन्हें लगातार निर्देश दे रहे थे। एनआईए ने दोनों को सात दिन के रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ शुरू कर दी है। पिछले तीन दिनों से लगातार उनसे कई अहम जानकारियां जुटाई जा रही हैं। वीडियो कॉलिंग एप के जरिए होता था संपर्क पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों को पेट्रोल बम बनाने और उसका इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग ऑनलाइन दी गई थी। वे वीडियो कॉलिंग एप बॉटिम और वॉट्सएप के जरिए अपने विदेशी हैंडलर से जुड़े हुए थे। इन्हीं माध्यमों से उन्हें हमले की पूरी योजना समझाई गई। अब एनआईए इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी दुबई कैसे पहुंचे और वहां किन लोगों के संपर्क में आए। जांच एजेंसियों को शक है कि वे तेहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान नामक आतंकी मॉड्यूल से जुड़े थे, जिसे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का परोक्ष समर्थन प्राप्त हो सकता है। हमले के बाद दिल्ली भागने की थी योजना एनआईए की जांच में यह भी सामने आया है कि हमला करने के बाद आरोपी बोकारो और कोडरमा के रास्ते बिहार होते हुए दिल्ली भागने की योजना बना रहे थे। अब एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि दिल्ली में वे किसके पास जाने वाले थे। झारखंड में उन्हें किसने शरण दी थी। इसके अलावा आरोपियों के बैंक खातों की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्हें आर्थिक मदद कहां से मिली। राज्य में सक्रिय संभावित स्लीपर सेल और उनके नेटवर्क को भी खंगाला जा रहा है, जिससे इस साजिश की जड़ तक पहुंचा जा सके। एटीएस ने 61 संदिग्धों की सूची बनाई इधर, झारखंड एटीएस ने भी राज्य में सक्रिय आतंकी नेटवर्क पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। एटीएस ने आईएसआईएस और अलकायदा से जुड़े कुल 61 संदिग्धों की सूची तैयार की है, जिसमें 12 संदिग्ध आईएसआईएस और 49 अलकायदा से जुड़े बताए जा रहे हैं। यह सूची राज्य के सभी 24 जिलों के पुलिस अधीक्षकों को भेज दी गई है। इन पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियां अब इन संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखते हुए संभावित आतंकी साजिशों को विफल करने में जुट गई हैं। पूरे मामले को लेकर राज्य में सुरक्षा व्यवस्था भी सतर्क कर दी गई है। ISIS और अलकायदा के ये संदिग्ध राडार पर आईएसआईएस से जुड़े संदिग्धों में मो. अरशद वारसी, आरिज हसनैन, नसीम उर्फ मोहसीन, आदिल हसन, रेहान आलम, शाहनवाज आलम, मो. शहबाज, मोहम्मद, साकिब अरमान, फैजान अंसारी, फैसल रहमान और मो. जिकिरूल्लाह शामिल है। वहीं अलकायदा से जुड़े संदिग्ध में कारी तैयब, मुफ्ती सोहैब, इम्तियाज खलीफा, मो. सरवर आलम, फैजान अहमद, तौफीक अहमद, अहमद मसूद, मौलाना, मो. अब्दुल शामी, राजू उर्फ नसीम, सैयद मो. जिसान, नसीम अख्तर, अहमद मसूद अकरम के नाम शामिल हैं। इनके साथ-साथ मौलाना कलीमुद्दीन, मो. हुजेफा, बिलाल तबिस, असद, आदिल, तबारक अंसारी, अल्ताफ अंसारी, जैनुल अंसारी, अरशद अंसारी, इनामुल अंसारी, हसन अंसारी, मो. रिजवान बाबर, मतिउर रहमान, मुफ्ती रहमतउल्लाह, सहबाज अंसारी, उमर फारूकी, मुदब्बिर परवेज, कारी इरफान अंसारी, अनवर अंसारी, जीसान अलतमस, मो. तौहीद अंसारी, शकील अहमद, हकीम अंसारी, फिरोज अंसारी, युनूस अंसारी, वसीम अंसारी, जेबा, मो. सरफराज आलम और इश्तियाक शामिल है।


